फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेप केस में हाईकोर्ट ने पलटा अदालत का फैसला, पीड़िता पर उठाए सवाल

Tue, 21 Mar 2017 07:47 PM IST
amarujala.com- Presented by: अकरम
विज्ञापन
सांकेतिक चित्र
विज्ञापन
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेप के मामले में सत्र अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपी को पीड़िता के बयान पर संदेह जताते हुए बरी कर दिया। 23 वर्षीय महिला ने अपने बयान में कहा कि एक आदमी ने जबरदस्ती घसीटकर उसे अपनी कार में डाला और उसके बाद होटल ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति अनंत बदर ने महिला के बयान पर सवाल उठाए और साथ ही आरोपी समीर जाधव को दी गई सात साल की जेल की सजा को भी निलंबित कर दिया। अदालत ने जाधव को 15,000 रुपये की जमानत पर रिहा कर दिया।

जज ने कहा कि प्रथम दृष्टया, पीड़िता ने जो बात इस मामले में कही वे असंभव नजर आ रही है, वयस्क महिला कह रही है कि एक आदमी ने उसे कार में खींच लिया और फिर उसी स्थिति में उसके मुंह को रूमाल से बांधा, इस हालत में वह शख्स उसे होटल ले गया जबकि महिला के हाथ बंधे नहीं थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सांकेतिक चित्र
जज ने आगे कहा कि महिला के द्वारा दिए सबूत में कहीं भी प्रतिरोध नहीं दिखता, इस तथ्य के बावजूद कि उसके हाथ खुले थे और आरोपी कार चला रहा था। अदालत ने साथ ही यह भी कहा कि महिला ने इस घटना के लगभग 11 महीने बाद एफआईएर दर्ज कराई थी। 

यह घटना 11 जून 2014 की है, जब महिला शिरोडा में अपनी बहन के घर जा रही थी। महिला की शिकायत के अनुसार, जाधव ने उसे अपनी गाड़ी में लगभग सुबह 8 बजे सड़क के किनारे से खींचा था, उसके बाद वह एक होटल में ले गया जहां उसने बलात्कार किया। महिला ने शिकायत मई 2015 में एक दर्ज कराई की थी।

रेप के इस मामले में एक सत्र अदालत ने जाधव को बलात्कार के दोषी करार दिया था और उसे सात साल की सजा सुनाई थी। जाधव ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी और अदालत से अपील की कि उसकी सजा को निलंबित कर और उसे जमानत पर रिहा किया जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें