पीलीभीत में भारतीय नागरिक बनकर रह रहे एक बांग्लादेशी युवक को न्यूरिया पुलिस ने धर दबोचा। अवैध तरीके से भारत में आने के बाद उसने यहां पर रहकर अपना आधार कार्ड, पैनकार्ड, पासपोर्ट समेत कई अभिलेख बनवा लिए थे।
इससे वह खुद को भारतीय साबित कर रहा था। जांच के दौरान पुलिस ने उसके बांग्लादेशी होने के कई दस्तावेज बरामद किए। न्यूरिया थाना में आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस को मिली सफलता के पीछे खुफिया विभाग का अहम योगदान रहा।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के भरतपुर बंगाली कॉलोनी निवासी समर ओझा के साथ रह रहे उनके भतीजे 30 वर्षीय सजल पुत्र खगेन ओझा के बारे में पिछले दिनों एसपी कलानिधि नैथानी को सूचना मिली कि वह बांग्लोदशी है और अवैध तरीके से यहां पर निवास कर रहा है। इसको गंभीरता से लेकर एसपी ने एलआईयू इंस्पेक्टर सर्वेंद्र सिंह, एसएचओ न्यूरिया जसपाल सिंह ग्वाल को टीम बनाकर मामले में लगाया।
फाइल
इसके बाद टीम ने सुरागरसी की और शुक्रवार को सजल ओझा को धर दबोचा। उससे पूछताछ की गई। इसमें पहले तो उसने खुद को भारतीय नागरिक बताया। उसके पास से भारतीय नागरिक होने का प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट आदि अभिलेख मिले। इसके बाद गहनता से जांच की गई।
इसके कुछ मिनटों में ही स्थिति स्पष्ट हो गई। वह भारतीय नहीं, बल्कि बांग्लादेश के जनपद मदारीपुर के थाना राजौर क्षेत्र के ग्राम आमगांव वार्ड नंबर नौ का निवासी निकला। उसकी बांग्लादेश की वोटर आईडी आदि कई दस्तावेज पुलिस ने बरामद किए।
पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के बाद धोखाधड़ी, विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चालान किया है।