गांगनौली गांव सोमवार को गोलियों की आवाज से सहम गया। चार लोगों ने एक घर में घुसकर बेटे की हत्या की पैरवी कर रही महिला व सुरक्षा में तैनात दो पुलिस कर्मियों समेत पांच लोगों को गोलियों से भून दिया। इसके बाद हत्यारे गलियों से फायरिंग करते हुए पैदल ही फरार हो गए। सूचना मिलने पर आईजी और डीएम भी मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। गांगनौली निवासी परीक्षित की करीब दो साल पहले हत्या कर दी गई थी।
मिली थी पुलिस सुरक्षा
गंगनौली में वारदात
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के बाद परीक्षित के भाई पंकज के परिवार को पुलिस और पीएसी की सुरक्षा मिली हुई थी। सोमवार दोपहर करीब साढे़ तीन बजे अत्याधुनिक हथियार लिए चार हमलावर पंकज के घर में घुसे। उन्होंने मकान की पहली मंजिल पर बैठे पीएसी के सिपाही राकेश शर्मा, यूपी पुलिस के सिपाही विजय पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। राकेश शर्मा और विजय की मौके पर ही मौत हो गई। गोलियों की आवाज सुनकर पंकज का ममेरा भाई अमन और बहन प्रीति छत पर पहुंचे, लेकिन हमलावरों को देखकर शोर मचाते हुए भागे।
अमन किसी तरह बच निकला, लेकिन हमलावरों ने प्रीति को गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद रसोई में चाय बना रही पंकज की मां सविता और मकान में आराम कर रहे पंकज के नाना वाजिदपुर निवासी मांगेराम को भी मौत के घाट उतार दिया। एसपी पूनम ने बताया कि वारदात में प्रमोद राठी के भाई प्रवीण एवं उसके साथियों का नाम सामने आ रहा है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।
चार मिनट में बिछा दी पांच लाशें
गंगनौली में वारदात
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मौत ने गांगनौली में फिर तांडव मचाया। सिर्फ चार मिनट में चार हमलावरों ने पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया। गांव वाले जब तक कुछ समझ पाते, तब तक हमलावर घर से निकल चुके थे। जाते-जाते गलियों में जमकर फायरिंग की। वारदात से करीब एक घंटा पहले ही सविता का पिता वाजिदपुर निवासी मांगेराम और भतीजा अमन गांगनौली पहुंचे थे। सोमवार तो दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे नीचे बैठे अमन और प्रीति को पहली मंजिल पर खटपट और शोर शराबें की आवाजें आई। दोनों सीढ़ी से ऊपर की तरफ दौड़े।
एसपी पूनम ने बताया अमन ने सिपाहियों पर हमला होते देखा। गोली मारने के अलावा सिपाही का गला भी रेता गया है। प्रीति और अमन उलटे दौड़े, लेकिन हमलावरों ने गोली चला दी। इससे प्रीति की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। अमन किसी तरह बाहर भाग गया। हमलावर अगले ही मिनट सीढ़ी से उतरकर नीचे पहुंचे। यहां सविता को गोली मार दी। इसके बाद घर से निकलते हुए वृद्ध मांगेराम की हत्या की। सिर्फ चार मिनट में खून खराबा हुआ। हमलावर चार थे और मौके पर चार लोगों की लाशें बिछी थी। घायल सविता ने बाद में बड़ौत सीएचसी में दम तोड़ा।
चारपाई पर लेटे ही रह गए सिपाही
गंगनौली में वारदात
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हमलावरों ने जिस वक्त सिपाहियों पर हमला किया, वह चारपाई पर लेटे थे। धारदार हथियारों के अलावा गोली भी मारी गई। सिपाहियों को उठने का तक का भी मौका नहीं मिला। प्रताप ने भी भागकर किसी तरह जान बचाई। परिवार को सुरक्षा के लिए तैनात सिपाहियों को हमलावरों ने संभलने का मौका तक नहीं दिया। छत पर मौजूद राकेश शर्मा और विजय पर हमलावर टूट पड़े। गला रेता गया और गोली भी मारी गई। दोनों आराम कर रहे थे और वारदात के वक्त उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। चारपाई पर दोनों लेटे के लेटे रह गए। उधर, पीएसी का एक सिपाही नीचे परिवार के साथ था। वह सीढ़ी की तरफ भागा, लेकिन इस बीच हमलावरों ने उस पर भी फायर झोंक दिया। प्रताप ने भागकर किसी तरह जान बचाई। बेहोशी की हालत में बाद में उसे बड़ौत के आस्था हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
किस काम की पुलिस सुरक्षा
गंगनौली में वारदात
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पुलिस के सुरक्षा घेरे में हत्या की वारदात का यह पहला मामला नहीं है। अकेले गांगनौली में ही यह तीसरी वारदात है। सरला और उसके पति रामवीर की हत्या भी पुलिस सुरक्षा में की गई थी। इस बार पंकज का परिवार निशाना बना। ट्यौढ़ी में पुलिस सुरक्षा में 12 अगस्त 2014 को बड़ौत तहसील के सब रजिस्ट्रार रामकिशोर और उसके पड़ोसी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। उस वारदात में भी प्रमोद गैंग का नाम सामने आया था।
मांगेराम को गांगनौली खींचकर लाई मौत
गंगनौली में वारदात
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सविता का मायका वाजिदपुर गांव में है। सोमवार को ही उसके पिता मांगेराम और भतीजा अमन वारदात से करीब एक घंटा पहले ही गांगनौली आए थे। मानों मौत ही उन्हें गांगनौली खींच लाई।