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एक और 'कोली': 6 साल के मासूम की कुकर्म के बाद हत्या, अब तक 6

Mon, 04 Sep 2017 11:33 AM IST
amarujala.com, Presented by: देव कश्यप
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आरोपी राम निवास
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छोटे-छोटे बच्चों से कुकर्म करने के बाद उनकी हत्या कर देता था ये दरिंदा। अब तक 6 बच्चों के साथ ऐसी वारदातें करना कबूला।
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दिल्ली के हर्ष विहार में छह साल के मासूम की कुकर्म के बाद हत्या करने का आरोपी राम निवास वारदात के बाद आंवला में अपने पैतृक गांव देवकोला में छिपा हुआ था। जुलाई में दिल्ली पुलिस की दबिश से पहले वह भाग निकला था। जिसे दिल्ली पुलिस ने मंडोली के श्मशान के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक राम निवास ने छह से ज्यादा बच्चों के अपहरण के बाद कुकर्म और हत्या की वारदातों को स्वीकार किया है। पुलिस को शक है कि ऐसी ही कुछ वारदातें उसने आंवला में भी की हो सकती हैं, लिहाजा इस पर भी छानबीन की जा रही है। 
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निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली जैसी वारदातें करने वाले रामनिवास ने 2009 से 2010 के बीच छह बच्चों के साथ कुकर्म करके हत्या करने की वारदात स्वीकार की है, जिनमें एक बरेली का मामला भी है। अब पुलिस इस दौरान लावारिस मिली बच्चों की लाश और गुमशुदा हुए बच्चों का आंकड़ा खंगाल रही है, ताकि वारदातों का खुलासा किया जा सके। 
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रामनिवास ने चौंकाने वाले खुलासे किए

प्रतीकात्मक तस्वीर
​पुलिस के मुताबिक 12 अगस्त को उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में चाय की एक दुकान चलाने वाले शख्स ने शिकायत की थी कि छह साल का बेटा 11 अगस्त की शाम 6.30 बजे से लापता हो गया है, उसी दिन बच्चे का शव चाय की दुकान के पास ही बरामद हुआ। पुलिस के एक खोजी कुत्ते ने टीम को एक कंस्ट्रक्शन साइट तक पहुंचाया, जहां पूछताछ में एक मजदूर राम निवास गायब मिला। 40 साल के राम निवास के पैतृक गांव देवकोला में पुलिस टीम पहुंची, पहली सितंबर को दिल्ली के मंडोली के श्मशान घाट के पास से राम निवास को पकड़ लिया गया। 
  
रामनिवास ने चौंकाने वाले खुलासे किए

2009 में तीन बच्चों को सोनिया विहार से गीता कॉलोनी के बीच से अपहरण किया, उनके शव यमुना में बहा दिए। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका चौथा शिकार उसके गांव का ही एक मासूम है, जिसकी लाश को उसने जमीन में गाड़ा था। राम निवास ने 2009 में वेलकम इलाके में स्थित एक टेंट मालिक के बेटे को अपहरण करके पैतृक गांव देवकोला लाया था, यहां कुकर्म के बाद उसकी लाश गाड़ दी थी। लाश बरामदगी के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई, लेकिन साक्ष्यों के अभाव में 2012 में उसे बेल मिली थी। 

राम निवास ने बताया, उसके पैतृक गांव देवकोला में 16 बीघा जमीन हुआ करती थी। दादी ने जमीन बेच दी तो वह पिता जालिम सिंह के साथ दिल्ली आकर बस गया। वे रिक्शा चलाकर आजीविका कमाते थे। जब वह नौ साल का था, उसकी मां की मौत हो गई और तीन साल पहले उसके पिता की मौत हो गई। माता-पिता की मौत के बाद 2009 में उसने वेलकम इलाके में एक टेंट वाले के पास नौकरी कर ली, जिसके बेटे का अपहरण करके उसने कुकर्म किया और हत्या कर दी।
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