यूपी में अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र के छोटे से गांव खाता की एक युवती की दिल्ली के मंगोलपुरी क्षेत्र में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के आफिस में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसे आफिस के लोग एक निजी अस्पताल में छोड़कर भाग गए थे।
उसकी गर्दन पर खरोंच और गला दबाए जाने के निशान मिले हैं। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
निशा की गर्दन पर खरोंच और गला दबाए जाने के निशान मिले हैं। पिता धर्मसिंह ने आफिस के लोगों पर निशा की हत्या करने की तहरीर दी है। लेकिन पुलिस आत्महत्या का मामला मानकर चल रही है। शुक्रवार को निशा का शव खाता गांव पहुंचा जिसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
नौकरी करते हुए निशा ने किया था बीए
रजबपुर के खाता गांव के रहने वाले किसान धर्मसिंह की 22 साल की बेटी निशा उर्फ नीति दिल्ली में पिछले कई साल से आइडिया के शोरूम में बतौर कंप्यूटर आपरेटर कार्य रही थी। छह माह पहले उसने रीयल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड आनलाइन शापिंग कंपनी (पीरगढ़ी के पास) मंगोलपुरी में बतौर कंप्यूटर आपरेटर कार्य करने लगी थी।
गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह अपनी बहन अनुराधा के घर (संत रविदास फ्लैट, मंडावली, दिल्ली) से आफिस के लिए गई थी। सुबह करीब दस बजे निशा के आफिस से उसके भाई मंजीत के फोन पर तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई।
मंजीत पहुंचा तो उसे बताया गया कि निशा को बालाजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया है, हास्पिटल पहुंचा तो निशा की मौत हो चुकी थी। आफिस के लोग वहां से फरार हो चुके थे। सूचना पर अमरोहा से भी परिजन पहुंच गए। मंगोलपुरी पुलिस ने निशा के शव का पोस्टमार्टम कराया।
अपने पैरों पर खड़े होने की थी तमन्ना
सात भाई-बहनों में निशा सबसे छोटी थी। करीब पांच साल पहले जब 12वीं में पढ़ती थी, तभी अपने पैरों पर खड़े होने की तमन्ना लिए दिल्ली में अपनी बड़ी बहन अनुराधा के घर रहने लगी। दिल्ली में नौकरी करते-करते ही उसने 2013 में अमरोहा के जेएस हिंदू डिग्री कालेज से बीए किया था।
कंप्यूटर के कई कोर्स करने के बाद वह आइडिया के शो रूम में कार्य करने लगी। छह माह पहले ही उसे दिल्ली में रीयल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड आन लाइन शापिंग कंपनी में 15 हजार रुपये महीने की नौकरी मिली थी।
कंपनी के दफ्तर के सीसीटीवी कैमरे थे बंद
दिल्ली में जिस दफ्तर में निशा की मौत हुई है, वहां सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं, लेकिन वह सीसीटीवी कैमरे बंद थे। इससे भी निशा की हत्या का शक गहरा रहा है।
किसी तनाव में नहीं थी निशा
बहन अनुराधा का कहना है कि निशा उसके घर पर रहकर ही नौकरी करती थी। रोजाना की तरह वह गुरुवार को भी आफिस गई। वह किसी तनाव में नहीं थी। उसने ऐसा कुछ नहीं बताया कि आफिस में किसी से कोई विवाद या झगड़ा है। वेतन अच्छा मिलने से भी वह नई ज्वाइनिंग से खुश थी। उसके साथ क्या हुआ कुछ समझ में नही आ रहा है।