डेरा सिरसा प्रमुख को कोर्ट की ओर से दोषी ठहराए जाने के बाद प्रदेश में भड़की हिंसा को लेकर हरियाणा सरकार के हाथ बड़ा इनपुट लगा है।
खुफिया एजेंसियों ने सरकार को रिपोर्ट दी है कि हिंसा के पीछे डेरे का गरम दल था। 25 अगस्त को गुरमीत राम रहीम की पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में पेशी से पहले ही डेरा अनुयायी दो धड़ों में बंट गए थे। नरम दल राम रहीम के कोर्ट में पेश होने के पक्ष में था। जबकि गरम दल इसका कड़ा विरोध कर रहा था।
आखिरकार नरम दल डेरामुखी को कानून का सम्मान करने की दलीलें देते हुए पेशी के लिए मनाने में कामयाब रहा। नरम दल ने कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर मुश्किलें बढ़ने का भी तर्क दिया था। गरम दल के भारी विरोध के बावजूद जब बात नहीं बनी तो डेरामुखी के कट्टर समर्थकों ने संगत को पंचकूला का रुख करने का निर्देश दे डाला।
उन्होंने यह भी चेताया कि पुलिस बड़ी संख्या में तैनात है। इसलिए समूह के बजाए एक, दो-दो की संख्या में पहुंचें। सरकार, गृह विभाग व पुलिस अब उन वायरल हो रहे ऑडियो की भी सत्यता जांचेगी, जिसमें गरम दल के लोगों की एक-दूसरे के साथ बातचीत है। इसमें संगत को अधिक से अधिक संख्या में और हथियार साथ में लाने की बात रिकार्ड हुई हैं। खुफिया एजेंसियों के साथ ही पुलिस भी गरम दल के उन अनुयायिओं की पहचान और तलाश में जुट गई है, जिनके इशारे पर प्रदेश को हिंसा की आग में झोंक दिया गया।