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17 साल बाद मिली डंडा मारने की सजा, फोड़ दी थी पड़ोसी की आंख

Thu, 05 Jan 2017 12:27 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक कोर्ट ने डंडा मारने के आरोप में दो शख्स को सजा सुनाई है। करीब 17 साल बाद इस मामले में फैसला सामने आया है। दो भाईयों पर आरोप था कि उन्होंने डंड़ा मारकर पड़ोसी की आंख फोड़ दी थी। इस जुर्म में कोर्ट ने दोनों भाईयों को 10-10 साल की सजा के साथ जुर्माना भरने का आदेश दिया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली के रेलपार निवासी कृष्णपाल ने  थाना आदर्श मंडी शामली पर मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह 16 जून 1999 की सुबह भाई विजय पाल के साथ जंगल ग्राम फतेहपुर में खेत पर काम करने गया था।

वहां पड़ोसी प्रवीण व अवनीश पुत्रगण जिनेन्द्र उनके नलकूप पर तार डालकर बिजली चोरी कर रहे थे। विरोध करने पर अवनीश ने उसके भाई विजय पाल पर तमंचे से फायर किया था। प्रवीण ने लाठी से विजयपाल की आंख पर हमला किया। जिसमें वह घायल हो गया।
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जोरदार हमले की वजह से चली गई आंख की रोशनी

- फोटो : demo pic
घायल पीड़ित को उपचा के लिए ले जाया गया लेकिन उसकी आंख की रोशनी चली गई। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम दिनेश चंद्र सिंह की कोर्ट में हुई। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में पांच गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने बुधवार को दोनों पक्षों को सुनते हुए प्रवीण व अवनीश को अंग भंग करने का दोषी करार देते हुए धारा 326 के तहत 10-10 वर्ष का कारावास व 5-5 हजार रूपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
 
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