बुलंदशहर के सिकंदराबाद में तुगलकी फारमान सुनाने वाली पंचायतों का एक नया मामला सामने आया है। छेड़छाड़ और किशोरी से मारपीट के मामले में आरोपी को पुलिस को नहीं सौंपा, बल्कि पंचायत ने आरोपी को पांच जूते मारने का तुगलकी फरमान सुनाया है। पीड़ित और आरोपी पक्ष जब फैसला लेकर पुलिस के पास पहुंचे तो पुलिस ने फैसला मानने से इनकार कर दिया।
ककोड़ थाने इलाके के एक गांव के रहने वाले एक शख्स ने थाने में तहरीर देते हुए बताया था कि वह अपनी पत्नी के साथ खेत पर काम करने के लिए गया था। घर पर उसकी नाबालिग बेटी अकेली थी। इसी दौरान मोहल्ला निवासी अजय ने घर में घुसकर उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की।
पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर अजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। रविवार को इस मामले में गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचों के आदेश पर आरोपी को पंचायत में पांच जूते मारे गए। उसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। दोनों पक्षों के लोगों ने थाने पहुंचकर पुलिस को मामले में आपसी सहमति से समझौता की जानकारी दी।
मगर पुलिस ने समझौता मानने से इनकार कर दिया। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस का कार्य शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने का है। किसी भी मामले में फैसला सुनाने का अधिकार कोर्ट का है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।