जींद की बुढ़ाबाबा बस्ती में एक युवक का अपहरण करके उसको यातनाएं देने का मामला सामने आया है। युवक का रोहतक रोड पुलिस चौकी के पास से ही टाटा गाड़ी सवार युवकों ने अपहरण किया और उसके बाद मुंबई के पास एक गांव में ले गए। जहां पर एक सप्ताह तक युवक के हाथ पांवों को बांधकर डाले रखा और बदमाश इस दौरान उसे सिगरेट, लोहे की गर्म राड व चिमटों से उसके शरीर को दागते रहते।
युवक को बेसुध होने तक उसके यातनाएं देते रहते और जैसे ही उसे होश आता तो फिर से यातनाओं का सिलसिला शुरू कर देते हैं। युवक को यातनाएं देने वाले लोगों ने इस दौरान उसके पिता के पास फोन करके तीन लाख रुपये की डिमांड की। जब उसके पिता ने एक लाख रुपये आरोपियों के बताए ठिकाने पर पहुंचाए तो उसको रोहतक रोड चौकी के पास ही छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को नामजद करके अन्य के खिलाफ अपहरण, फिरौती मांगने व एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। युवक का गंभीर हालात में बरवाला हिसार के एक निजी अस्पताल में कई दिनों से उपचार चल रहा है, जहां उसकी गंभीर हालात बनी हुई है।
बुढ़ाबाबा बस्ती निवासी मनोज ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा अजय कुमार ट्रक चालक का काम करता है। 29 जुलाई को वह ट्रक यूनियन के पास गया हुआ था। जब वह पुलिस चौकी के पास पहुंचा तो इसी दौरान गुरुद्वारा कालोनी निवासी चामकौर उर्फ काला, गांव गोविंदपुरा निवासी रवि राज टाटा गाड़ी में सवार होकर आए। जहां पर अजय को जबरदस्ती गाड़ी में डालकर ले गए, जहां पर उसके हाथ पांवों को बांध लिया।
इसके बाद आरोपी उसको मुंबई के पास एक गांव में ले गए, जहां उसको एक कमरे में रस्सियों से हाथ पांव बांधकर डाल लिया। शुरुआत में युवक को बेल्ट, केबल, तारों से बुरी तरह से पिटाई की। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने उसके पिता विकास के पास फोन किया और तीन लाख रुपये की डिमांड की। जब उसके पिता ने इतनी राशि देने में असमर्थता जताई तो अपहरणकर्ताओं ने युवक के साथ यातनाएं बढ़ानी शुरू कर दी और उसके शरीर के हिस्सों को सिगरेट से जलाना शुरू कर दिया।