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19 साल के लड़के ने दुष्कर्म के बाद मासूम की कर दी हत्या, मिली मौत की सजा

Sun, 23 Dec 2018 11:29 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी
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सांकेतिक तस्वीर
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हरियाणा के रेवाड़ी की अदालत ने एक 19 साल के लड़के को आठ साल की मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले मौत की सजा दी है। यह घटना इस साल जून की है। 6 महीने में ट्रायल खत्म करने के बाद एडिशनल सेशन जज नरेश कुमार ने इस घटना को दुर्लभतम माना और कहा कि यह मामला 2012 में हुए निर्भया कांड की तरह है। इसी वजह से उसी तरह की सजा दी जानी चाहिए।  

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यह घटना 9 जून को तब घटी जब पीड़िता बावल बस्ती के अपने किराए के घर में अकेली थी। पीड़िता के माता-पिता उसके छोटे भाई को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोपी लड़का उसी फैक्ट्री में काम करता था जहां पीड़िता के पिता करते थे और किराए के उसी घर में रहता था जहां पीड़िता के पिता रहते थे। उसने पीड़िता को लालच देकर अपने कमरे में बुलाया और घटना को अंजाम दिया।

ट्रायल के दौरान कोर्ट को पता चला कि आरोपी ने पहले आठ साल की मासूम को पोर्न फिल्म दिखाई और फिर उसे अपने साथ वैसा ही करने को कहा। जब उसने विरोध करते हुए रोना शुरू किया तो आरोपी ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उसके हाथ और पैर को कपड़े से बांध दिया। इसके बाद उसने उसका दुष्कर्म किया। इस डर से कि बच्ची अपने परिवार को घटना की जानकारी दे देगी आरोपी ने उसके गला दबा दिया और अपने कमरे की अलमारी में शव को छुपा दिया।
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जब पीड़िता के माता-पिता लौटे और उन्हें बच्ची दिखाई नहीं दी तो आरोपी ने उनका ध्यान भटकाने की कोशिश करते हुए कहा कि उसने बच्ची को अपनी दोस्त के घर जाते हुए देखा था। हालांकि पुलिस पूछताछ के दौरान उसके लगातार बदलते हुए जवाब संदिग्ध लगे। इसके बाद उसके कमरे की तलाशी ली गई और वहां बच्ची का शव मिला। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 372, 376, 201, पॉक्सो अधिनियम और धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया। सभी धाराओं में आरोपी को अदालत ने दोषी माना।

सजा सुनाते हुए जज ने कहा, 'कोर्ट इसे दुर्लभतम मामला मानती है और इसकी सजा मौत से कम नहीं हो सकती है। इसके साथ ही उस निर्दोष बच्ची के दर्द और पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इस मामले को निर्भया से कमतर नहीं समझा जाना चाहिए क्योंकि पीड़िता मासूम, एक अच्छे भविष्य वाली थी जिसकी हत्या यौन कृत्य के उद्देश्य से की गई और वो भी भरी दोपहरी में।'

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