नई दिल्ली। महिलाओं व किशोरियों की चोटी कटने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। इसके पीछे वजह बेहद मामूली निकली। शुक्रवार शाम से लेकर शनिवार तक 179 महिलाओं और किशोरियों की और चोटियां कट गईं।
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महिला की चोटी कटी
इनमें यूपी में 142, हरियाणा में 25, दिल्ली में 6 और पंजाब में पांच, उत्तराखंड में एक एवं पंजाब के पांच मामले शामिल हैं। चोटी कटने की इन घटनाओं की वजह सिवाय अंधविश्वास के कुछ और नहीं है।
गईं।
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महिला की चोटी कटी
लगातार सामने आ रहे मामलों से अफवाहों का बाजार गर्म होता जा रहा है। नए मामलों में दिल्ली में छह, हरियाणा के पानीपत में 5, पुन्हाना में दस, फरीदाबाद व फिरोजपुर झिरका में तीन-तीन, तावड़ू में दो व जींद और पलवल में एक-एक, पंजाब के लुधियाना, संगरूर व फरीदकोट में एक-एक तथा बठिंडा में दो महिलाओं की चोटियां कटी हैं।
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महिला की चोटी कटी
इसी तरह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में आठ, गाजियाबाद में छह, ग्रेटर नोएडा में 11, हापुड़ में दो, कानपुर में दो, कानपुर देहात व हरदोई में एक-एक, कन्नौज में छह, फर्रुखाबाद में चार, औरैया में सात, इटावा में दो, हमीरपुर में एक और महोबा में चार महिलाएं एवं किशोरियों चोटी कटने की शिकार हुई हैँ।
इसके साथ ही फिरोजाबाद में 10, मथुरा में पांच, एटा में पांच, आगरा, कासगंज व मैनपुरी में तीन-तीन, इलाहाबाद, भदोही व जौनपुर में एक-एक, सीतापुर व रायबरेली में दो-दो, बहराइच व फैजाबाद में एक-एक, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली व बिजनौर में 10, अलीगढ़ में पांच व हाथरस में चार, मुरादाबाद में तीन, संभल में एक, रामपुर में दो और अमरोहा में पांच, बरेली में 13, पीलीभीत में पांच, बदायूं में छह, देहरादून में एक, शाहजहांपुर में पांच महिलाओं व किशोरियों की चोटियां कटी गईं।