जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के मामले में भारत एक स्पष्ट स्थिति की तलाश कर रहा है। पर्यावरण सचिव लीना नंदन ने गुरुवार को कहा कि यह देश के लिए सर्वोत्तम निवेश और प्रौद्योगिकी का समय है। टेरी द्वारा आयोजित विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2022 (WSDS-22) के दूसरे दिन मुख्य भाषण देते हुए नंदन ने कहा कि भारत जलवायु कार्रवाई पर बात कर रहा है और दुनिया से भी इसी तरह की प्रतिबद्धता की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, हम बात करने में विश्वास करते हैं। इसलिए सीओपी 26 के बाद हम तुरंत आगे बढ़े, अपने लक्ष्यों को स्पष्ट किया और बजटीय घोषणाओं के रूप में अपने लक्ष्यों को रेखांकित किया। इसलिए मुझे लगता है कि दुनिया को अब उन सभी विभिन्न आयामों पर ध्यान देना होगा जो कि हम उम्मीद करते हैं कि जलवायु परिवर्तन वार्ता ऊर्जा संक्रमण, इलेक्ट्रिक वाहनों, हरित हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा उत्पादन पर बढ़ते जोर के संदर्भ में आगे बढ़ेगी। इसी तरह हम गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमताओं के संदर्भ में बताए गए लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रस्ताव करते हैं।
संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (UNFCCC) का अंतर्राष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन, कॉप 26 (COP 26) पिछले साल यूके के ग्लासगो में आयोजित किया गया था, जिसमें जलवायु परिवर्तन के वैश्विक मुद्दे पर चर्चा करने के लिए 190 से अधिक देशों की भागीदारी देखी गई थी। अगला जलवायु सम्मेलन सीओपी 27 इस साल के अंत में मिस्र के शर्म अल-शेख में आयोजित किया जाएगा।