सरकार गिराने के आरोप में झामुमो के नेता रवि केजरीवाल को झारखंड की हाईकोर्ट ने राहत दे दी है। सोमवार को उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायधीश एके चौधरी ने झामुमो के पूर्व कोषाध्यक्ष को जमानत दे दी। हालांकि उन्हें ये राहत 25- 25 हजार के दो निजी मुचलके भरने के बाद ही दी जाएगी।
अदालत ने रवि को मामले की जांच में पुलिस का सहयोग करने का निर्देश भी दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले निचली अदालत में रवि केजरीवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
अदालत में पूर्व महाधिवक्ता और झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार, अपराजिता भारद्वाज एवं कुमारी सुगंधा ने रवि केजरीवाल का पक्ष रखा।
रवि केजरीवाल पर इस मामले में 12 अक्टूबर 2021 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। झामुमो के ही घाटशिला से विधायक रामदास सोरेन ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था. इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि रवि केजरीवाल और पार्टी के एक और नेता उनसे लगातार फोन पर संपर्क कर रहे थे। रामदास ने आरोप लगाते हुए बताया था कि रवि ने उनसे कहा कि पार्टी के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, अगर आप पार्टी छोड़ देते हैं तो नई सरकार में आपको मंत्री पद दिया जाएगा। इसके साथ ही उनकों आर्थिक प्रलोभन भी दिया गया था। रामदास की ओर से 12 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इस मामले में रवि के खिलाफ IPC की धारा 120 B और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 8 भी लगाई गई है।