सीएए के लगातार विरोध के बाद संसद में अचानक इससे जुड़े बिल का समर्थन कर चौंकाने वाले नीतीश कुमार अब उलझन में हैं। दरअसल बिहार के अल्पसंख्यक वर्ग में इसका तीखा विरोध हो रहा है। इस वर्ग में जदयू का भी आधार है।
विरोध के कारण अब पार्टी सीएए सहित इससे जोड़ कर देखे जा रहे एनपीआर पर कोई स्पष्ट लाइन नहीं ले पा रही। इसी उलझन के कारण नीतीश न तो इसके विरोधी प्रशांत किशोर को साफ निर्देश दे पा रहे हैं और न ही इसके समर्थक नेताओं को। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नीतीश जल्द ही इन सभी मुद्दों पर स्पष्ट लाइन लेंगे।