केंद्रीय संचार व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि डिजिटल युग में भी जारी भेड़चाल के चलते न अच्छे इंजीनियर बन रहे हैं और न अच्छे डॉक्टर। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों पर अपनी मर्जी न थोपें और वे जो बनना चाहते हैं उन्हें बनने दें।
सिन्हा वीरवार को नई दिल्ली के होटल कैलारिजस में अमर उजाला अखबार व उसकी वेबसाइट amarujala.com के तत्वावधान में आयोजित अमर उजाला एचआर एंड डिजिटल कॉन्क्लेव के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार भारतीय शिक्षा पद्धति का पुराना इतिहास लौटाने में जुटी है, इसकी शुरुआत हो चुकी है। आने वाले समय में शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि शहर के साथ ग्रामीणों क्षेत्रों को भी आधुनिक भारत से जोड़ने के लिए 15 अप्रैल से 90 हजार ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर की टेस्टिंग शुरू हो जाएगी। समारोह में जीएलए यूनिवर्सिटी के सोसायटी सेक्रेटरी नीरज अग्रवाल भी मौजूद थे।