बिहार के गया में मई में एक छात्र की हत्या का मुख्य आरोपी रॉकी अब खुला घूमेगा। रोड रेज के दौरान हत्या के मामले में पटना हाई कोर्ट ने रॉकी को जमानत दे दी है। इससे पहले ही रॉकी यादव के पिता बिंदी यादव और मां मनोरमा को भी जमानत मिल चुकी है। दूसरी ओर बिहार सरकार ने रॉकी यादव की जमानत रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला किया है। कोर्ट में बिहार सरकार के वकील ने जमानत का पुरजोर विरोध किया, अदालत लेकिन वह सफल नहीं हो सके। रॉकी यादव की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि किसी भी गवाह ने यह नहीं कहा कि रॉकी यादव ने ही आदित्य सचदेवा को गोली मारी है। इसके बाद कोर्ट ने रॉकी यादव को जमानत दे दी।
रॉकी यादव का असली नाम राकेश रंजन यादव है। रॉकी मई में बिहार की राजधानी पटना से करीब 110 किलोमीटर दूर गया में एसयूवी चला रहा था। आरोप है कि इसी दौरान उसने 19 साल के आदित्य सचदेवा की गाड़ी को ओवर टेक किया जो अपने दोस्तों के साथ स्विफ्ट कार से यात्रा कर रहा था।
मुख्य न्यायाधीश इकबाल अहमद अंसारी की कोर्ट ने रॉकी यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई की और देर शाम जमानत पर रिहा कर देने का आदेश दिया। रॉकी इस साल जून से जेल में बंद था। रॉकी की जमानत याचिका का सरकारी वकील दिलीप कुमार सिन्हा ने खूब विरोध किया। सरकारी वकील ने कहा कि आदित्य की हत्या जघन्य अपराध है कि इसके मुख्य आरोपी को खुला नहीं घूमने देना चाहिए।
वहीं, रॉकी के वकील वाई वी गिरि ने तर्क दिया कि एक भी गवाह ने नहीं कहा कि आदित्य को गोली रॉकी यादव ने मारी। सभी गवाहों ने कहा कि गोली पीछे से आई और आदित्य को लगी। इसके बाद अस्पताल में मौत रॉकी की मौत हो गई।