पूर्व विधायक वसमाजसेवी अमित अग्रवाल ने स्वर्गीय पिता प्रेमकिशन अग्रवाल के पदचिन्हों पर चलते हुए एडको डेवलपर्स का शुभारंभ किया। सफलता के इन 35 सालों में आज अमित अग्रवाल अपने इस कारोबार की बागडोर बेटे वरुण अग्रवाल को सौंप चुके हैं।
एडको डेवलपर्स के इस व्यवसाय का आरंभ जून 1984 में एक लाख रुपये से हुआ। तब से आज तक कंपनी 50 से अधिक प्रोजेक्ट पूरे कर चुकी है। कुछ प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है तो कुछ प्रोजेक्ट अभी पाइपलान में हैं। महानगर में कोई ऐसी मुख्य सड़क नहीं जहां एडको रीयल एस्टेट केप्रोजेक्ट की पहुंच न हो।
मवाना रोड, दिल्ली रोड, सरस्वती लोक, बागपत रोड, गढ़ रोड से लेकर हापुड़ बाइपास पर एडको द्वारा बनाई गगनचुंबी इमारतें सिर उठाकर खड़ी हैं। यह एडको की खासियत है कि ये शहर के अंदरूनी भीड़ भरे इलाके से बाहर खुले माहौल में रहने के लिए लोगों को अवसर और सुविधाएं देते हैं। जहां लोगों की कनेक्टिवटी की कोई समस्या नहीं हैं।
सस्ता, सुंदर, सुविधाजनक हो आवास
एडको डेवलपर्स का ध्येय समाज में हर वर्ग को उसके सपनों का आशियाना देना है। इसलिए एडको के मकानों की क ीमत हर वर्ग की पहुंच में बहुत सस्ती है। मकानों के डिजायन आद्युनिक और गुणवत्ता उच्च है।
लोगों को कम कीमत पर आवास मिले इसकेलिए कंपनी हरसंभव प्रयास करती है। शहर में अधिकांश ऐसे प्रोजेक्ट पर कंपनी काम कर रही है। कंपनी द्वारा विकसित कमर्शियल काम्पलेक्स में कवर्ड एरिया 40 प्रतिशत और 40 प्रतिशत खुला एरिया है। इसमें पार्किंग की समुचित व्यवस्था है। 20 प्रतिशत एरिया बरामदा, गैलरी व वेंटिलेशन केलिए है।
35 सालाें के सफर में चढ़ी सफलता की सीढ़ियंा
मोहकमपुर इंडिस्ट्रयल एस्टेट फेस वन, मोहकमपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट फेज टू, मोहकमपुर एंक्लेव, रिठानी इंडस्ट्रियल एस्टेट, दीप कॉम्पलेक्स, कावेरी कॉम्पलेक्स, मैट्रो प्लाजा, हेल्थ सेंटर, गॉड गिफ्ट मल्टीप्लैक्स, जीजी मॉल, सिनेमा, होटल मैट्रो रिजेंसीस, मैट्रो हाइट्स रेस्टोरेंट, मीनाक्षीपुरम, नवल बिहार, वैशाली कालोनी, मीनाक्षीपुरम, विजयलोक, अग्रवाल अर्पाटमेंट, नवल विहार, सरस्वती लोक, अग्रवाल अपार्टमेंट्स, ज्वाला नगर, ग्रीन पार्क , प्रताप विहार, हेल्थ कॉटेज मसूरी, विजय लोक, कृष्णा लोक, गंगा प्लाजा, गंगा होटल, मेरठ मॉल, एलोरा रेस्टोरेंट, पंचवटी, तिरुपति गार्डन, ओम प्लाजा, सरस्वती लोक एक्सटेंशन, एडको टावर्स, वैष्णो धाम आदि प्रमुख प्रोजेक्ट हैं। जो शहर के हर छोर पर एडको डेवलपर्स की उपस्थिति दर्ज कराते हैं
आम-ओ-खास को मिले अपनी छत
एडको डेवलपर्स की स्थापना का ध्येय ही हर व्यक्ति को सिर छुपाने के लिए छत देना था। कंपनी एमडीए एप्रूव्ड मकान बनाती है। साथ ही हर व्यक्ति की जरूरत के अनुसार मकान देती है। लग्जीरियस चमक-दमक वाले मकानों केसाथ ही सर्वसुविधायुक्त सामान्य वर्ग क ी जरूरत को पूरे करने वाले आवासों का निर्माण भी करती है। -अमित अग्रवाल
हर किसी की पहुंच में हो घर
रोटी, कपड़ा और मकान। आम आदमी की इन तीन जरूरतों में मकान की जरू रत को बहुत आसानी से पूरा करने की कोशिश हमारी होती है। ताकि एक अच्छा घर हर व्यक्ति की पहुंच में हो। अपने प्रोजेक्ट में हर उस बात का ख्याल रखते हैं जो एक परिवार अपने घर में चाहता है।-वरुण अग्रवाल