जीवन साथी और उसका सच्चा प्यार जिंदगी में हर कोई चाहता है। कुछ लोगों को यह किस्मत से मिल जाता है और कुछ लोगों को इसे पाने के लिए संघर्ष के दौर से गुजरना पड़ता है। प्यार के डगर में कठिन परीक्षाएं होती हैं।
यह ऐसी परीक्षा है जो इंसान के अंदर प्यार के जज्बे को तोड़ने की कोशिश करती है, लेकिन सच्चा प्यार अपने अंजाम तक पहुंच ही जाता है। अमर उजाला ने माई सिटी टॉक सीरिज के तहत ऐसी ही कहानियां चयनित की हैं।
पेश है वाराणसी में चुनी गई कहानी। चुनी गई इस कहानी की जोड़ी को आगरा में मंगलवार (11 फरवरी) को फिल्म लव आज कल के कलाकारों से मिलने का मौका मिलेगा।
स्कूल का प्यार हुआ मुक्कमल
स्कूल से शुरू हुआ प्यार आखिर वर्षो बाद मुकाम तक पहुंचा। चांदपुर के रहने वाले कौशल को रीति से साल 2006 में कक्षा 11 में पढ़ाई के दौरान ही प्यार हो गया। स्कूल छोड़ने से पहले कौशल ने अपने प्यार का इजहार रीति से कर दिया। लेकिन रीति ने साफ इनकार कर दिया।
कौशल ने इनकार से हार नहीं मानी। स्कूल से निकलने के बाद रीति के परिवार को जब भी कोई समस्या आती, कौशल भावनात्मक रूप से हमेशा उनके साथ खड़े रहे। दोस्ती के इस दौर में वक्त बीतने के साथ एक दिन ऐसा आया, जब रीति को कौशल के प्यार का एहसास हुआ।
तभी घर पर शादी की बात होने लगी, रीति से उनकी राय पूछी गई तो उन्होंने कहा मैं किसी से प्यार करती हूं, और उसी से शादी करूंगी। घर में रीति के प्यार की बात खुली तो किसी को विश्वास नहीं हुआ, मां ने नाराजगी के कारण कई दिनों तक बेटी से बात तक नहीं कि।
तब रीति के भाई ने उनका साथ दिया। कौशल ब्राह्मण परिवार से हैं और रीति राजपूत परिवार से। इसलिए लड़के के परिवार ने शादी के लिए मना कर दिया। बातों का दौर चला और आखिरकार जून 2019 में रीति और कौशल के प्यार को एक पहचान मिल गई। रीति एक कॉलेज में बीकॉम की शिक्षिका हैं। वहीं कौशल टाटा सेंटर में कार्यरत हैं।