देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कोरोना की रफ्तार पर ब्रेक लगाने की हरसंभव कोशिश जारी है। इस प्रयास के चलते अब तक मुंबई में 78 फीसदी मरीज कोरोना को मात देकर घर जा चुके हैं। जबकि 19190 एक्टिव मरीजों में से 13 हजार 292 मरीजों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। वहीं, जिन 5633 मरीजों में कोरोना वायरस के लक्षण है उनमें से 1082 मरीजों की स्थिति गंभीर है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार बिना लक्षण वाले कोरोना मरीज तीन तरह के होते हैं। इसमें वे लोग जिनमें लक्षण नहीं आते यानी असिम्प्टोमैटिक है। वे लोग जिन्हें कोई लक्षण नहीं थे, लेकिन वो टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए और बाद में उनमें लक्षण उभरे।
तीसरे वे लोग जिनमें बेहद कम लक्षण थे और उन्हें अहसास नहीं हुआ कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित है। महानगर में कोरोना की रोकथाम के लिए बीएमसी बड़े पैमाने पर 'चेज द वायरस' अभियान चला रही है। इसके तहत कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए हाई रिस्क के लोगों को तुरंत क्वारंटीन कर आवश्यकतानुसार उपचार किया जा रहा है।
मुंबई में अब तक 1.24 लाख मरीज मिले हैं। इसमें से 97993 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। रिकवरी रेट 78 फीसदी तक पहुंच गया है। जबकि कोरोना की औसत दैनिक विकास दर 0.80 फीसदी रह गई है। वहीं, डबलिंग रेट 87 दिन तक पहुंच गया है। बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक मुंबई में अब तक 605419 लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है।
मुंबई में मरीजों की संख्या में कमी होने से घटे कंटेनमेंट जोन
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आंकड़ों में कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। मरीजों की संख्या कम होने से अब 587 कंटेनमेंट जोन ही रह गए हैं। वहीं, 5489 बिल्डिंगों को सील किया गया है।
आंकड़ों के अनुसार कंटेनमेंट जोन में 40.62 लाख आबादी रहती है, जहां अब तक 30,413 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसी तरह सील बिल्डिंग में 8.36 लाख लोग रहते हैं, जिसमें से 22,014 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।