कोरोना वायरस से संक्रमित बच्चों के लिए मां का दूध अमृत समान है। माता-पिता के स्तर पर देखरेख और संयमित आहार भी उनके भीतर एंटीबॉडी बढ़ाने में मदद करता है। महाराष्ट्र के रत्नागिरी में ऐसा ही एक मामला सामने आया जब कोरोना से संक्रमित 6 महीने के बच्चे को मां का दूध से जीवनदान मिला। कोरोना वायरस से संक्रमित बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ होकर घर पहुंच गया है।
कोरोना वायरस के विश्वव्यापी संकट ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों को अपनी चपेट में लिया है। बीते 14 अप्रैल को रत्नागिरी के साखरतर गांव में एक छह महीने के बच्चा कोरोना पॉजिटिव हो गया। इससे गांव में खलबली मच गई।
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के सामने इससे निपटने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। बच्चे को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उसके लिए अलग कक्ष तैयार कर भर्ती किया गया। बच्चे की मां को भी उसी वार्ड में रखा गया।
बच्चे की देखरेख के लिए डॉक्टरों की टीम तैयार की गई और उसका उपचार आरंभ किया गया। सरकार की ओर से दिए गए दिशा निर्देश के तहत मां को भी सुरक्षित रूप से समय-समय पर स्तनपान कराने के लिए कहा गया।
डॉक्टरों की टीम के प्रमुख डॉ. दिलीप मोरे ने कहा कि शुरूआत में बच्चे को तेज बुखार सहित सांस लेने में भी कठिनाई नजर आ रही थी लेकिन उपचार के साथ ही नियमित स्तनपान से धीरे-धीरे बच्चे की सेहत ठीक होने लगी। पहली रिपोर्ट पॉजिटिव आई जबकि दूसरी रिपोर्ट में कोरोना निगेटिव आया। इससे हमारा हौसला बढ़ा।
6 माह के बच्चे के लिए भी अमृत है मां का दूध - डॉ. मोरे
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. मोरे ने कहा, इससे साबित हो गया है कि छह महीने के बच्चे के लिए भी मां का दूध अमृत है। जिला अस्पताल ने यह सूचना स्थानीय विधायक एवं राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत को दी। उन्होंने कहा कि जिले में अब एक भी कोरोना संक्रमित नहीं है। यह खुशी की बात है।