चुनाव नतीजों को लेकर भी भाजपा पर निशाना
पिछले छह महीने के दौरान भाजपा नेतृत्व आगामी चुनावों में शिवसेना के साथ गठजोड़ पर जोर देती रहा है। अमित शाह की अगुवाई वाली पार्टी ने नियमित रूप से कहा है कि महाराष्ट्र केंद्रित यह राजनीतिक पार्टी उसकी स्वभाविक सहयोगी है और दोनों दल सौहार्द्रपूर्ण तरीके से मतभेद दूर कर लेंगे। हालांकि पंढ़रपुर रैली में ठाकरे राजग के अपने बड़े सहयोगी को बख्शने के मूड नहीं नहीं दिखे।
उन्होंने कहा कि विश्वविजेता बनने की भाजपा की धारणा पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे से चकनाचूर हो गई। मिजोरम और तेलंगाना विधानसभा के नतीजों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मतदाताओं ने राष्ट्रीय दलों को नकार दिया है ओर मजबूत क्षेत्रीय दलों को चुना है।
ठाकरे ने 2019 के आम चुनाव के लिए बिहार में जदयू, लोजपा और भाजपा के बीच सीटों के बंटवारे को अंतिम दे दिए जाने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नीतीश कुमार और राम विलास पासवान को राममंदिर और हिंदुत्व पर अपनी राय घोषित करनी चाहिए।
कांग्रेस ने बोला हमला
उद्धव ठाकरे के बयान ने कांग्रेस को एक बार फिर मोदी सरकार पर हमले का मौका दे दिया है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी और उनके दोस्त लगातार कह रहे हैं कि कांग्रेस झूठ फैला रही है, लेकिन अब हर कोई हमारी बात का समर्थन कर रहा है।
बता दें कि राफेल डील पर देश में सियासी घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस ने एनडीए सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। वहीं इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई जिसने सौदे पर सवालों को खारिज कर दिया। लेकिन भाजपा-कांग्रेस के बीच संग्राम जारी है।