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Samruddhi Mahamarg: महाराष्ट्र में समृद्धि महामार्ग ने बदल दी हजारों किसानों की तकदीर

Thu, 29 Dec 2022 06:32 PM IST
Harendra Chaudhary सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, नागपुर

सार

Samruddhi Mahamarg: प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने में समृद्धि महामार्ग का उद्घाटन किया था। उसके बाद यह आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। इस परियोजना को पूरा करने में अहम भूमिका निभाने वाले मुख्यमंत्री के सलाहकार राधेश्याम मोपलवार ने कहा कि मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग नागपुर से शिर्डी तक शुरू हो चुका है...
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Samruddhi Mahamarg- PM Modi at Expressway inaugration - फोटो : ANI (File Photo)
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विस्तार
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सरकारी परियोजनाएं अकसर लालफीताशाही का शिकार हो जाती हैं। भूमि अधिग्रहण का अकसर विरोध होता है क्योंकि जमीन के मुआवजे के लिए वर्षों इंतजार करना पड़ता है। लेकिन राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की महत्वाकांक्षी परियोजना समृद्धि महामार्ग के निर्माण में जिन किसानों ने जमीन दी उनका जीवन बदल चुका है।  

समृद्धि महामार्ग परियोजना के लिए विदर्भ के नागपुर, वाशिम, बुलढाणा के अलावा मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के इन जिलों में करीब 20 हजार किसानों की 10 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई। नागपुर में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आवास पर उनका आभार व्यक्त करने आये औरंगाबाद के जयपुर गांव के भगवान मते ने बताया कि मेरी 12 एकड़ जमीन समृद्धि महामार्ग में चली गई। इसके बदले उन्हें 18 करोड़ 50 लाख रुपये मिले। मते बताते हैं कि इन पैसों में उन्होंने 4 करोड़ में 20 एकड़ जमीन खरीदी और 5 करोड़ रुपये का निवेश कर जमीन की प्लाटिंग शुरू कर दी है। इस काम में उनके दोनों बेटे भी हाथ बंटा रहे हैं। मते ने औरंगाबाद में आलीशान घर भी बना लिया है। मते कहते हैं कि इस परियोजना ने मेरी जिंदगी बदल दी है। औरंगाबाद जिले के ही भंबरदा निवासी बाला साहेब काले की एक एकड़ जमीन समृद्धि महामार्ग के लिए ली गई। उससे काले को तीन करोड़ रुपये मिले। इस पैसे से उन्होंने इससे दूसरी जगह पर दो करोड़ खर्च कर सात एकड़ जमीन खरीद ली। जबकि एक करोड़ रुपये बैंक में जमा कर दिए हैं।

वहीं, अहमदनगर जिले के धोतरा (कोपरगांव) निवासी प्रदीप चव्हाण बताते हैं कि सरकार से उन्हें जमीन के रेडीरेकनर दर से दस गुना भाव मिला। समृद्धि महामार्ग में चव्हाण की 11 गुंठा (लगबग 10 बिस्वा) जमीन सरकार ने ली, जिसके बदले उन्हें 98 लाख रुपये मिले। चव्हाण अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं थे क्योंकि 2004 में नहर परियोजना में उनकी 4 गुंठा जमीन सरकार ने ली थी, जिसका भुगतान आज तक नहीं हुआ। अधिकारियों के काफी समझाने के बाद चव्हाण समृद्धि महामार्ग के लिए अपनी जमीन देने को तैयार हुए थे। लेकिन अब वे इससे खुश हैं।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे गडकरी तो फडणवीस के नाम हुआ समृद्धि महामार्ग

साल 1995 में महाराष्ट्र में पहली बार बनी शिवसेना-भाजपा सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे नितिन गडकरी ने मुंबई में 50 से अधिक फ्लाईओवर ब्रिज (पुल) बनाने के साथ ही मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे बनाया था। इसका श्रेय गडकरी को जाता है। इसी तरह समृद्धि महामार्ग राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम हो गया है। महाराष्ट्र के इन दोनों नेताओं को इन दो सड़क परियोजनों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

जुलाई 2023 तक 8 घंटे में तय होगा ‘नागपुर टू मुंबई’ का सफर

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने में समृद्धि महामार्ग का उद्घाटन किया था। उसके बाद यह आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। इस परियोजना को पूरा करने में अहम भूमिका निभाने वाले मुख्यमंत्री के सलाहकार राधेश्याम मोपलवार ने कहा कि मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग नागपुर से शिर्डी तक शुरू हो चुका है। फरवरी में इस सड़क मार्ग से नासिक तक जा सकेंगे। इसके बाद जुलाई 2023 तक मुंबई से नागपुर 701 किमी की दूरी सिर्फ आठ घंटे में तय की जा सकेगी।

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