विश्वव्यापी कोरोनो संकट के बीच जारी लॉकडाउन में पश्चिम रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से महानगरों में फंसे हुए मजदूरों और उनके परिवारों को उनके गांव पहुंचाने में उल्लेखनीय मदद की है।
पश्चिम रेलवे ने आईआरसीटीसी के साथ मिलकर पिछले 62 दिनों में करीब 6 लाख जरूरतमंदों और गरीब व्यक्तियों को निशुल्क भोजन वितरित है।
कई गैरसरकारी संगठनों ने भी पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार में जरूरतमंदों की मदद करने के लिए अपना सक्रिय योगदान दिया है।
लॉकडाउन में 22 मार्च से 28 मई तक कुल 4880 मालगाड़ियों से 9.97 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की गई।
लगभग 44 हजार टन वस्तुओं को 286 पार्सल स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से पहुंचाया, जिसमे चौंतीस मिल्क स्पेशल ट्रेनें भी शामिल हैं।
इस परिवहन से पश्चिम रेलवे को लगभग 13.63 करोड़ रुपये की आय अर्जित हुई है।
रवीन्द्र भाकर ने बताया कि मार्च, 2020 के बाद से लॉकडाउन के कारण कमाई का कुल अनुमानित नुकसान 1076.35 करोड़ रुपये रहा है।
इसके बावजूद, अब तक टिकटों के निरस्तीकरण के लिए 289.08 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वापस करना सुनिश्चित किया गया है।
इस रिफंड में अकेले मुंबई डिवीजन से 137.69 करोड़ रुपये है। अब तक, पश्चिमी रेलवे के 44.29 लाख यात्रियों ने अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और राशि प्राप्त की है।