दक्षिण मुंबई के एतिहासिक आजाद मैदान में बीते 48 वर्षों से हो रही रामलीला के अंतिम दिन इस साल रावण के पुतले का दहन नहीं किया जाएगा। आजाद मैदान में शिवसेना (शिंदे गुट) की दशहरा रैली होनी है। इसलिए एक दिन पहले ही रामलीला समाप्त करने का दबाव है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
शिवसेना की दशहरा रैली के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रामलीला समिति के पदाधिकारियों से एक दिन पहले रामलीला खत्म करने को कहा है। शुक्रवार को शिंदे की शिवसेना (शिंदे गुट) की रैली का टीजर भी जारी किया गया जिसमें अयोध्या के राम मंदिर और बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना का उल्लेख है। आजाद मैदान में साहित्य कला मंडल और महाराष्ट्र रामलीला मंडल की रामलीला वर्षों से हो रही है। दोनों मंडल ने रामलीला के लिए 24 अक्तूबर तक पुलिस और बीएमसी से विधिवत अनुमति भी ली है। लेकिन मुख्यमंत्री शिंदे की रैली के कारण उन्हें मजबूरन एक दिन पहले रामलीला का समापन करना पड़ेगा।
महाराष्ट्र रामलीला मंडल के उपाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि हमारे कुछ पदाधिकारी सरकार के दबाव में आ गए हैं, जिससे हमारी 48 वर्ष की परंपरा टूट रही हैं। रावण का वध दशहरा तिथि को ही होता है, लेकिन अब एक दिन पहले ही रावण का वध कर दे रहे हैं। वहीं, साहित्य कला मंडल के पदाधिकारी रवींद्र मिश्र ने कहा कि हमारे यहां अयोध्या के कलाकार रामलीला का मंचन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शिंदे ने विनती की है कि एक दिन पहले रामलीला का मंचन समाप्त कर दें। इसलिए हम लोग इस बार रावण के पुतले का दहन नहीं करेंगे।
राजनीतिक उद्देश्य के लिए तोड़ी जा रही है परंपरा बर्दास्त नहीं –वर्षा गायकवाड
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पूर्व मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने शिवसेना (शिंदे गुट) पर आरोप लगाया है कि राजनीतिक उद्देश्य के लिए परंपरा तोड़ी जा रही हैं। वर्षा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चिठ्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने कहा है कि हर साल दशहरा पर रावण वध के साथ ही रामलीला समाप्त होती है। सरकार रामभक्तों का अपमान कर रही है जो बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने मांग की है कि रामलीला की परंपरा कायम रखी जाए और दशहरे के दिन ही रामलीला समाप्त करने के लिए संबंधितों को आदेश दिए जाएं।