देश में कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित मुंबई में स्थिति पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) भरसक प्रयत्न कर रही है। परन्तु दुर्भाग्य से कोरोना संक्रमित मृतकों की संख्या कम नहीं हो रही है।
इसके चलते मृतकों के शवों के साथ भी सम्मानजनक व्यवहार नहीं हो पा रहा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) नेता शालिनी ठाकरे ने इसको लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर मांग की है मृत शवों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।
शालिनी ठाकरे ने कहा है कि बीते रविवार को बीएमसी के सबसे बड़े हास्पिटल केईएम में कोविड शहगृह में शव रखने की जगह कम पड़ गई, जिसके चलते 10 शवों को कोविड कक्ष में रखा गया। दूसरे दिन सोमवार को सुबह 5 शवों को किट में और 5 को कूड़ा (कचरा) विभाग के काम आने वाले प्लास्टिक से सीलबंद किया गया।
इसी तरह कूपर अस्पताल में बुधवार को दो कोरोना संदिग्धों के शवों को 12 घंटे तक लावारिस छोड़ दिया गया। कोई भी शव के पास जाने के लिए तैयार नहीं था। इस सबंध में अस्पताल के डीन का कहना है कि उस दिन अस्पताल में एक ही चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी कार्यरत होने की वजह से ऐसा हुआ।
शालिनी ने कहा, वह समझ सकती है कि इस भयानक महामारी में सरकारी अस्पतालों पर काम का बोझ बढ़ गया है क्योंकि प्राइवेट अस्पतालों में आम मरीजों को भर्ती करने से मना किया जा रहा है। दूसरी ओर, मुंबई में कोरोना संक्रमितों की सबसे ज्यादा मौतें हो रही है।
इसलिए सरकार से गुजारिश है कि मृतकों के शवों की अवहेलना न हो। साथ ही, अस्पतालों में मृतदेह को सीलबंद करने के लिए किट की भी व्यवस्था की जाए।