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महाराष्ट्रः कांग्रेस पर निशाना साधने के बाद शिवसेना ने शुरू किया डैमेज कंट्रोल

Wed, 17 Jun 2020 08:31 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार

  • प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थोराट से मिले उद्धव के दूत
  • पार्टी के मुखपत्र में लिखा था कि कांग्रेस राजनीति की पुरानी खाट है जो चरमराने लगी है
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शरद पवार, उद्धव ठाकरे और बाला साहब थोराट - फोटो : For Refernce Only
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विस्तार
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महाराष्ट्र में कांग्रेस की नाराजगी के बीच महाविकास आघाड़ी सरकार में जारी अनबन को लेकर शिवसेना ने डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। हालांकि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अभी तक कांग्रेस नेताओं को मिलने का समय नहीं दिया है।

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लेकिन बुधवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिवसेना सचिव अनिल देसाई को अपने दूत के रूप में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व राजस्वमंत्री बालासाहेब थोराट के पास भेजकर मतभेद दूर करने का प्रयास किया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने इस मुलाकात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि शिवेसना सचिव अनिल देसाई मिलने आए थे। उनके साथ कई मुद्दों पर बातचीत हुई है।
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मुख्यमंत्री ने बीते सोमवार को मिलने का समय दिया था। परंतु उनके ससुर के निधन के चलते मुलाकात टल गई। थोराट ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है।

उम्मीद है कि जल्द ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात होगी। वहीं, आपदा, राहत व पुनर्वास मंत्री विजय बडेट्टीवार ने फिर कहा कि सरकार की निर्णय प्रक्रिया में कांग्रेस को शामिल नहीं किया जाता।

इसलिए हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर ध्यान दें।

महाराष्ट्र की तिकड़ी (शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी) सरकार में कांग्रेस महत्वपूर्ण घटक है। किंतु निर्णय प्रक्रिया में कांग्रेस को महत्व नहीं दिया जाता। बालसाहेब थोराट ने बीते हफ्ते ही इस पर खुलकर अपनी नाराजगी जताई थी और मुख्यमंत्री ठाकरे से मिलकर कुछ मुद्दों पर बात करने की इच्छा जाहिर की थी।

उसके बाद शिवसेना ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। पार्टी के मुखपत्र में लिखा था कि कांग्रेस राजनीति की पुरानी खाट है जो चरमराने लगी है। आखिर कांग्रेस क्या कहना चाहती है।

उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि हर किसी के गले में मंत्रीपद की माला है। यह भी भुलाया नहीं जा सकता कि इसमें शिवसेना का त्याग भी महत्वपूर्ण है।

संपादकीय में चेतावनी भरे लहजे में कहा गया है कि उद्धव ठाकरे ऐसे नेता नहीं हैं जो सत्ता के लिए कुछ भी करेंगे। इसलिए खाट कितनी भी क्यों न कुरकुराए कोई चिंता न करे।

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