बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रानौत का मुंबई को लेकर दिये गए बयान से महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है। कंगना ने शिवसेना सांसद संजय राउत पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुंबई की तुलना पीओके से की थी। शिवसेना और राज ठाकरे की पार्टी मनसे ने इसे मराठी अस्मिता से जोड़ दिया है। वहीं, राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि कंगना को मुंबई में रहने का अधिकार नहीं है।
उधर, कंगना ने भी संजय राऊत को खुली चुनौती दी है। कंगना ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि कई लोग मुझे धमकी दे रहे हैं कि मुंबई न आएं। लेकिन मैं 9 सितंबर को मुंबई आ रही है। अगर किसी के बाप में दम हो तो उन्हें रोक ले। जल्द ही मैं मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचने का समय भी ट्वीट करूंगी।
कंगना के इस ट्वीट के जवाब में शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि हां, मुंबई मराठियों के बाप की है। शिवसेना किसी को धमकी नहीं देती बल्कि सड़क पर उतरकर जवाब देती है। वो बाप की भाषा बोल रही है तो आने दो, हम भी देख लेंगे। राऊत ने भाजपा पर परोक्ष हमला बोलते हुए कहा कि ये कंगना नहीं बोल रही है। मुंबई के खिलाफ बोलने के लिए कोई न कोई राजनीतिक दल या पावर सेंटर का उन्हें समर्थन है। मुंबई के बारे में इस तरह का माहौल बनाकर बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
अभिनेत्री कंगना के बयान पर मराठी अस्मिता का मुद्दा गरम होने के बाद भाजपा ने यू-टर्न ले लिया है। गुरुवार को भाजपा विधायक राम कदम ने कंगना का समर्थन किया था, लेकिन शुक्रवार को पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक आशिष शेलार ने कहा कि कंगना रानौत के मुंबई पर दिए गए बयान से भाजपा सहमत नहीं है। कंगना रानौत मुंबई और महाराष्ट्र को सिखाने का प्रयास न करें। दूसरी ओर, शेलार ने शिवसेना सांसद संजय राऊत को भी लपेटे में लिया और कहा कि वह कंगना की आड़ लेकर भाजपा पर वार न करें।