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Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र को मौजूदा सियासी संकट से उबारने के लिए इन तीन विकल्पों की चर्चा

Wed, 22 Jun 2022 07:46 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई

सार

सुप्रीम कोर्ट के वकील एसके सिंह कहते हैं कि यदि मुख्यमंत्री पद से उद्धव इस्तीफा दे देते हैं और राज्यपाल से विधानसभा भंग करके मध्यावधि चुनाव कराने की सिफारिश करते हैं, तो बिल्कुल अलग स्थिति पैदा हो जाएगी। इसके बाद गेंद पूरी तरह से राज्यपाल के पाले में होगी...
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उद्धव ठाकरे - फोटो : ANI
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विस्तार
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गुजरात के सूरत से राज्य पुलिस के सुरक्षा घेरे में शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे विधायकों के साथ गुवाहाटी पहुंच गए हैं। एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवास की सरगर्मी काफी तेज है, लेकिन संवैधानिक मामलों के जानकार को अभी तीन सवालों का इंतजार है। राज्यसभा के पूर्व महासचिव वीके अग्निहोत्री भी कहते हैं कि इस राजनीतिक संकट में अगला मोड़ ही निर्णायक होगा।

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वीके अग्निहोत्री कहते हैं कि क्या मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे फ्लोर टेस्ट की स्थिति आने से पहले राज्यपाल से मिलकर पद से इस्तीफा देंगे? सुप्रीम कोर्ट के वकील एसके सिंह कहते हैं कि यदि मुख्यमंत्री पद से उद्धव इस्तीफा दे देते हैं और राज्यपाल से विधानसभा भंग करके मध्यावधि चुनाव कराने की सिफारिश करते हैं, तो बिल्कुल अलग स्थिति पैदा हो जाएगी। इसके बाद गेंद पूरी तरह से राज्यपाल के पाले में होगी। उनके पास विधानसभा में सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का अवसर होगा। यदि ऐसा होता है तो राज्य सरकार के भविष्य का कोई भी निर्णय विधानसभा के फ्लोर पर ही संभव है।

क्या एकनाथ शिंदे के साथ 37 विधायक हैं?

शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे को दल बदल कानून से बचने के लिए 37 विधायकों की जरूरत होगी। महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के 55 विधायक हैं। बीएनपी पाठक कहते हैं कि ये 37 विधायक केवल शिवसेना के ही होने चाहिए। उन्होंने कहा कि 37 से कम विधायकों की संख्या होने पर एकनाथ शिंदे के साथ-साथ सभी विधायकों की सदस्यता जाने का खतरा बना रहेगा।

क्या भाजपा राज्य सरकार के अल्पमत में होने का अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी?

राज्य सरकार के भविष्य का निर्धारण करने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होना आवश्यक है। सदन में ही संख्या बल की गणना होगी। इसके लिए राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना होगा। एसपी सिंह कहते हैं कि एकनाथ शिंदे के इस्तीफा देने, शिवसेना से समर्थन वापस लेने की पहल से क्या होगा? सिंह कहते हैं कि राज्य सरकार के भविष्य का निर्णय उसके विश्वास मत पर ही तय होगा। इसके लिए या अविश्वास प्रस्ताव आए अथवा राज्यपाल मुख्यमंत्री को सदन में बहुमत साबित करने के लिए कहें।

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