महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
विधान परिषद की नौ सीटों के चुनाव के लिए भाजपा ने टिकट बंटवारे से लोगों को चौकाया तो कांग्रेस में भी यही स्थिति दिखाई दी। महाराष्ट्र में पिछले छह महीने से कांग्रेस की मित्र बनी शिवसेना को लगता है कि पार्टी को प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत जैसे आक्रामक नेता को मौका देना चाहिए था। पर कांग्रेस ने कम चर्चित चेहरे राजेश राठौर को उम्मीदवारी दे दी।
पार्टी के मुखपत्र की संपादकीय में कहा गया है कि विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा ने खडसे, तावडे व पंकजा मुंडे जैसे पुराने नेताओं को छोड़ कर जनसभा में भाजपा को वोट न देने की अपील करने वाले गोपाचंद पडलकर को उम्मीदवारी दी।
शिवसेना ने संपादकीय में लिखा है कि कांग्रेस से सचिन सावंत जैसे अध्ययनशील व आक्रमक पदाधिकारी को विधान परिषद की उम्मीदवारी मिलनेी चाहिए थी। विदर्भ के अतुल लोढे का नाम भी चर्चा में था लेकिन कम चर्चित राजेश राठौर को टिकट दे दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने पिछले पांच वर्षों के दौरान कांग्रेस के विपक्ष में रहते सत्तापक्ष के मंत्रियों-नेताओं के खिलाफ कई मामले उजागर किया था। सावंत मीडिया में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने के लिए जाने जाते हैं। लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े सावंत को विधान परिषद चुनाव में टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन अंतिम समय में पार्टी ने उनको उम्मीदवारी न देकर अनजान चेहरे को उम्मीदवार बना