महाराष्ट्र में कोरोना संकट के बीच शुरू हुए दो दिवसीय विधानमंडल मानसून सत्र में विपक्षी दल भाजपा के विरोध के बावजूद राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार ने विधान परिषद में उपसभापति पद का चुनाव कराने का फैसला किया है। इससे नाराज भाजपा ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निर्विरोध चुनाव कराने के आग्रह को ठुकराते हुए अपना उम्मीदवार उतार दिया है।
सोमवार को विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए शिवसेना की तरफ से नीलम गोर्हे ने नामांकन दाखिल किया है। जबकि भाजपा की ओर से विजय उर्फ भाई गिरकर ने उम्मीदवारी दाखिल की है। अब मंगलवार को उपसभापति पद के लिए चुनाव होगा। सत्ताधारी दल महाविकास आघाड़ी को उम्मीद है कि उपसभापति पद का चुनाव निर्विरोध हो सकता है।
हालांकि विधान परिषद में संख्याबल के हिसाब से सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है। इससे शिवसेना की उम्मीदवार गोर्हे का लगातार दूसरी बार उपसभापति चुना जाना लगभग निश्चित माना जा रहा है। वहीं, विधान परिषद सदस्य भाई गिरकर ने कहा कि मैंने उम्मीदवारी वापस लेने के लिए नामांकन नहीं भरा है। हम चुनाव लड़ेंगे।
कोरोना संकट में सदन में नहीं आ रहे हैं कई सदस्य
सभापति रामराजे नाईक-निंबालकर ने सोमवार को सदन में उपसभापति पद के चुनाव कराने की घोषणा की। इस पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने विरोध जताते हुए कहा कि कोरोना की स्थिति के कारण कई सदस्य सदन में नहीं आ पाए हैं। सरकार को उपसभापति पद का चुनाव कराने के लिए इतनी जल्दी क्यों है।
सदन के नेता तथा उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि मेरा विपक्ष के नेता से आग्रह है कि सर्वसहमति से उपसभापति पद के लिए केवल एक सदस्य की उम्मीदवारी के लिए पर्चा दाखिल किया जाए। हम अपेक्षा करते हैं कि इसमें विपक्ष का सहयोग मिलेगा।
आखिर में सभापति ने कहा कि उपसभापति पद का चुनाव कब कराना है यह फैसला लेने का अधिकार मुझे है। फिलहाल कोरोना की स्थिति है। विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। फिर भी उपसभापति पद का चुनाव कराया जाना चाहिए। मेरा सदन से आग्रह है कि यह चुनाव निर्विरोध होगा तो ज्यादा अच्छा होगा।
विधान परिषद में दलीय स्थिति
दल सीटें
एनसीपी - 9
कांग्रेस - 8
शिवेसना- 14
भाजपा - 22
लोकभारती - 1
शेकाप - 1
रासप - 1
निर्दलीय- 4
रिक्त - 18
कुल - 78