महाराष्ट्र सरकार और राज्यपाल के अधिकार को लेकर एक बार फिर सूबे की राजनीति में उबाल आ सकता है। मुद्दा प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति का है। कानूनन राज्यपाल को कुलपति नियुक्त करने का अधिकार है क्योंकि राज्यपाल राज्य के विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति कहलाता है। लेकिन राज्य सरकार महामहिम से कुलपति नियुक्त करने का अधिकार छीनने की तैयारी में है।
राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने राष्ट्रसंत टुकड़ोजी महाराज विश्वविद्यालय नागपुर के कुलपति पद पर डॉ.सुभाष चौधरी की नियुक्ति की है। चौधरी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानि संघ परिवार से संबंधित हैं। अब महाविकास आघाड़ी सरकार के नेताओं को लगता है कि अगर राज्यपाल के पास कुलपति की नियुक्ति का अधिकार बरकरार रहा तो इसी तरह अन्य विश्वविद्यालयों में भी संघ पृष्ठभूमि के लोगों को कुलपति बनाकर बैठा दिया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह मुद्दा उठा जिस पर गहन चर्चा हुई थी। इसके बाद यह विचार किया गया कि कुलपति नियुक्त करने का अधिकार राज्यपाल नहीं, राज्य सरकार के पास होना चाहिए। कांग्रेस के मंत्रियों नितिन राऊत, सुनील केदार और विजय वडेट्टीवार ने इसका पुरजोर समर्थन किया। साथ ही, इसको लेकर कानून में सुधार करने की मांग की गई।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी राज्यपाल के अधिकार मे कटौती का समर्थन किया है। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को बताया कि कुलपति नियुक्ति का अधिकार राज्य सरकार के पास होना चाहिए। इसके लिए नियम में संशोधन करना पड़ेगा। इसलिए कानूनी राय ली जा रही है।
बता दें कि राज्य में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाविकास आघाड़ी सरकार सत्तारूढ होने के बाद से राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच कई बार संघर्ष की स्थिति बनी है। लेकिन अब अधिकारों में कटौती के मुद्दे पर फिर संघर्ष के आसार दिखाई दे रहे हैं।