महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने वालों को बेहद सख्त चेतावनी दी है। पवार ने कहा है कि कोरोना वायरस के संकट में अगर कोई जमाखोरी और मुनाफाखोरी करके पैसे कमाने का प्रयास किया, तो उसके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी कि उसकी आने वाली दो पीढ़ी याद रखेगी कि उसने क्या चूक की थी।
अजित पवार ने कहा कि जमाखोरी करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा। मंगलवार को मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कृपा करके कोई दुकानदार मास्क समेत अन्य जीवनावश्यक वस्तुओं की जमाखोरी न करे। दुकान में उपलब्ध माल नागरिकों को देने का प्रयास करें।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जमाखोरी करने वाले इतने निचले स्तर पर कैसे गिर सकते हैं, पैसा तो कभी भी कमाया जा सकता है। लेकिन एक बार किसी व्यक्ति की जान चली गई तो वह वापस नहीं आ सकती।
फिर सब्जी मंडी भी बंद कर देंगे
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कर्फ्यू लागू होने के बाद भी नवी मुंबई, दादर, पुणे की सब्जी मंडी में भारी भीड़ नजर आ रही है। आश्चर्य है कि सुशिक्षित वर्ग ही भीड़ कर रहा है। अगर ऐसे ही भीड़ जुटती रही तो फिर सरकार को सब्जी मंडी भी बंद करना पड़ेगी। इसलिए मेरी सभी से हाथ जोड़कर अपील है कि सरकार के सामने यह नौबत नहीं आने दे।
सुबह 7 से 10 बजे तक ले सकेंगे सब्जी-दूध
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महानगरपालिका, नगर परिषद, नगर पंचायत क्षेत्रों में लोग सुबह 7 से 10 बजे तक सब्जी, दूध और फल समेत जीवनावश्यक वस्तुएं खरीद सकेंगे। इसके लिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और विभागीय आयुक्त को उचित व्यवस्था करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि बाजार में खरीदारी के लिए भीड़ न लगाए। परिवार का कोई एक ही सदस्य खरीदारी के लिए निकले।
पुलिस को समझ नहीं कि जीवनावश्यक सेवा क्या है
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों पर जो दिख रहा है, पुलिस उसको पीट रही है। ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि पुलिस जीवनावश्यक वस्तुओं से लदे ट्रकों को रोक रही है। अहमदनगर के श्रीगोंदा में अंगूर और मराठवाड़ा में संतरा को बाहर नहीं जाने दिया गया।
पुलिस समझ नहीं पा रही है कि जीवनावश्यक सेवाएं क्या है। इससे सभी का नुकसान हो रहा है। वास्तव में जीवनावश्यक सेवाओं की आपूर्ति करने वाले कर्मचारी, अधिकारी और व्यापारियों को इस तरह से परेशानी नहीं होनी चाहिए।