कोरोना महामारी में जारी लॉकडाउन के बीच प्रवासियों को लेकर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच जारी गतिरोध समाप्त होता दिख रहा है। गुरुवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि अब मुंबई से भी उत्तर प्रदेश के लिए ट्रेनें चलाई जाएगी।
लॉकडाउन के बावजूद मुंबई की सीमा से बाहर निकलने में कोई रोकटोक नहीं है। इसलिए लोग पैदल, साइकिल और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर अपने गांव पहुंच रहे हैं।
मुबंई में रहने वाले चार युवक मोटरसाइकिल से चार दिन की यात्रा कर जौनपुर जिला स्थित अपने गांव पहुंचे। 1600 किलोमीटर की यात्रा कर गांव पहुंचने के बाद उन्हें एक स्कूल इमारत में क्वारंटीन किया गया है।
इस भीषण गर्मी में मुंबई और आसपास के लोग 1600-1800 किलोमीटर दूर अपने घर जाने के लिए पैदल ही परिवार के साथ निकल पड़े हैं। गुरुवार को को सैकड़ों लोग मुंबई-नासिक हाईवे पर पैदल जाते देखे गए।
यूपी के जौनपुर के लिए मासूम बच्चे को गोद में लेकर पैदल निकलीं प्रीति कुमारी कहती हैं कि मेरे पास पैसे नहीं हैं। बच्चे को यहां कैसे खिलाउंगी? उसे यात्रा में बिस्कुट ही दे पा रही हूं।
मुंबई भाजपा के महामंत्री अमरजीत मिश्र ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने लोगों के मन में भ्रम की स्थिति पैदा कर रखी है। अपर मुख्य सचिव अविनाश अवस्थी ने स्पष्ट किया है कि प्रवासियों के मेडिकल सर्टिफिकेट के तौर पर गृह मंत्रालय के स्वास्थ्य संबंधी प्रमाण पत्र को ही मानक माना गया है।