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महाराष्ट्र में रोज 24 लाख लीटर मदिरा गटक जाते हैं शराबी

Tue, 05 May 2020 08:55 PM IST
Harendra Chaudhary सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई

सार

  • लॉकडाउन में शराब की दुकानों पर भीड़ कम करने के लिए टोकन पद्धति
  • टोकन पद्धति से प्रति शराब दुकान पर एक घंटे में 50 ग्राहकों को सेवा दी जा सकेगी
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Liquor Shop in mumbai - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कोरोना वायरस से सर्वाधिक संक्रमित राज्य महाराष्ट्र में शराबी रोजाना 24 लाख लीटर मदिरा गटक जाते हैं। लॉकडाउन में खुली शराब की दुकानों पर बड़े पैमान पर मदिरापान करने वालों को नियंत्रित करना पुलिस के लिए भी मुश्किल हो गया है।

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लेकिन, मामला राजस्व का भी है। इसलिए आबकारी विभाग ने टोकन पद्धति शुरू कर शराब की दुकानों पर भीड़ नियंत्रित करने का नया नियम बनाया है।

देश के अन्य राज्यों की तरह महाराष्ट्र में भी लॉकडाउन के तीसरे चरण में मदिरा की बिक्री शुरू की गई है। राजस्व के लिए महत्वपूर्ण शराब की दुकानें कुछ शर्तों के आधार पर खोलने की अनुमति दी गई है।

लेकिन 43 दिन के बाद शराब की दुकानें खुलने पर मदिरा प्रेमियों की भीड़ अनियंत्रित होती दिखाई दी। राज्य में शराब की कम दुकानें खुलने से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई। वहीं, एक दिन में करीब 17 करोड़ रुपए की शराब बिकी।
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इसको देखते हुए आबकारी विभाग ने मदिरा प्रेमियों की भीड़ को नियंत्रित करने की योजना अमल में लाई है।

राज्य के उत्पादन शुल्क आयुक्त कांतिलाल उमप ने शराब की दुकानों के सामने मार्किंग, एक दूसरे के बीच छह फुट के अंतर पर रहने का निर्देश देने के साथ ही ग्राहकों के लिए टोकन पद्धति शुरू करने की नई नियमावली तैयार की है।

इसके तहत ग्राहक को एक फार्म दिया जाएगा, जिसमें ग्राहक के मोबाईल नंबर, शराब के ब्रांड और बोतल की संख्या आदि भरना पड़ेगा। फार्म भरने के साथ ही ग्राहक को टोकन दे दिया जाएगा।

प्रति घंटे 50 और दिन में 400 ग्राहकों को मिलेगी सेवा

आबकारी के टोकन पद्धति से प्रति शराब दुकान पर एक घंटे में 50 ग्राहकों को सेवा दी जा सकती है। वहीं, दिन में 400 ग्राहकों को सेवा मिल सकेगी। नियमावली के तहत पहले 50 टोकन दिया जाएगा।

उसके बाद फिर दूसरा टोकन नंबर जारी किया जाएगा। यदि टोकनधारक को उस दिन मदिरा नहीं मिली तो दूसरे दिन उन्हें पहले नंबर पर शराब मिल सकेगी।

सालभर में विकती है 86.7 करोड़ लीटर मदिरा

महाराष्ट्र के उत्पादन शुल्क विभाग के आयुक्त कांतिलाल उमप के अनुसार राज्य में सालभर में 86.7 करोड़ लीटर मदिरा बिकती हैं। इसके हिसाब से सूबे में एक दिन में करीब 24 लाख लीटर मदिरा गटकी जाती है।

राज्य में सर्वाधिक 35 करोड़ लीटर देशी शराब, 20 करोड़ लीटर अंग्रेजी शराब और 31 करोड लीटर बीयर बिकती है। उमप के अनुसार वित्तीय वर्ष 2010-2020 में शराब से 15 हजार 428 करोड़ राजस्व शराब की बिक्री से प्राप्त हुआ था।

इस आधार पर शराब की बिक्री से महाराष्ट्र सरकार की तिजोरी में प्रतिमाह 13 हजार करोड़ रुपये जमा होता है।

होटल न खुले तो बर्बाद हो जाएगी 10 करोड़ की मदिरा

इधर, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन वेस्टर्न इंडिया ने अपने स्टॉक में मौजूद शराब बेचने की अनुमति मांगी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरुबख्श सिंह कोहली की ओर से राज्य सरकार को लिखे पत्र में दावा किया गया है कि 45 दिनों से जारी लॉकडाउन के कारण उनके पास ऐसी मदिरा जमा हो गई है जिसके इस्तेमाल की अवधि खत्म होने वाली है।

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यदि शराब बिक्री की अनुमति नहीं मिली तो होटल के स्टॉक में पड़े 10 करोड़ रुपये की मदिरा बर्बाद हो जाएगी।

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