कोरोना वायरस से सर्वाधिक संक्रमित राज्य महाराष्ट्र में शराबी रोजाना 24 लाख लीटर मदिरा गटक जाते हैं। लॉकडाउन में खुली शराब की दुकानों पर बड़े पैमान पर मदिरापान करने वालों को नियंत्रित करना पुलिस के लिए भी मुश्किल हो गया है।
आबकारी के टोकन पद्धति से प्रति शराब दुकान पर एक घंटे में 50 ग्राहकों को सेवा दी जा सकती है। वहीं, दिन में 400 ग्राहकों को सेवा मिल सकेगी। नियमावली के तहत पहले 50 टोकन दिया जाएगा।
उसके बाद फिर दूसरा टोकन नंबर जारी किया जाएगा। यदि टोकनधारक को उस दिन मदिरा नहीं मिली तो दूसरे दिन उन्हें पहले नंबर पर शराब मिल सकेगी।
महाराष्ट्र के उत्पादन शुल्क विभाग के आयुक्त कांतिलाल उमप के अनुसार राज्य में सालभर में 86.7 करोड़ लीटर मदिरा बिकती हैं। इसके हिसाब से सूबे में एक दिन में करीब 24 लाख लीटर मदिरा गटकी जाती है।
राज्य में सर्वाधिक 35 करोड़ लीटर देशी शराब, 20 करोड़ लीटर अंग्रेजी शराब और 31 करोड लीटर बीयर बिकती है। उमप के अनुसार वित्तीय वर्ष 2010-2020 में शराब से 15 हजार 428 करोड़ राजस्व शराब की बिक्री से प्राप्त हुआ था।
इस आधार पर शराब की बिक्री से महाराष्ट्र सरकार की तिजोरी में प्रतिमाह 13 हजार करोड़ रुपये जमा होता है।
इधर, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन वेस्टर्न इंडिया ने अपने स्टॉक में मौजूद शराब बेचने की अनुमति मांगी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरुबख्श सिंह कोहली की ओर से राज्य सरकार को लिखे पत्र में दावा किया गया है कि 45 दिनों से जारी लॉकडाउन के कारण उनके पास ऐसी मदिरा जमा हो गई है जिसके इस्तेमाल की अवधि खत्म होने वाली है।