राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन के मार्गदर्शन पर जिले की सक्रिय युवाओं की टोली युवा टीम उमरिया द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन कर विज्ञान का महत्व बताया गया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के मानने के उद्देश्य, महत्व, दिन विशेष की थीम पर प्रसिद्ध वैज्ञानिकों द्वारा किये गए महत्वपूर्ण खोज का व्याख्यान किया गया। कार्यक्रम के तहत युवाओं के बीच पेंटिंग प्रतियोगिता हुई। इसका विषय वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में विज्ञान का योगदान' रखा गया। युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।
टीम संयोजक हिमांशु तिवारी ने बताया कि लोगों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और समाज में विज्ञान के प्रति जागरुकता लाने के लिए हर साल राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। यह मानव जाति की प्रगति के लिए वैज्ञानिक विश्लेषण और खोज के महत्व पर प्रकाश डालता है। यह भारतीय नागरिकों को भौतिक दुनिया को प्रभावित करने वाली घटनाओं का अध्ययन करने और समझने के लिए प्रोत्साहित करता है। विज्ञान ब्रह्मांड में जीवन, निर्माण और विनाश की प्रक्रिया को समझने के लिए कुछ सैद्धांतिक या प्रेक्टिकल प्रणालियों का उपयोग कर हमारी दुनिया का अध्ययन है। विज्ञान के क्षेत्र में भारत का एक समृद्ध इतिहास है, जहां कई दिग्गजों ने देश को गौरवान्वित किया है।
सीवी रमन विज्ञान के क्षेत्र के ऐसे ही एक दिग्गज हैं। महान वैज्ञानिक प्रोफेसर सीवी रमन ने 1928 में इसी दिन एक उत्कृष्ट खोज की थी। जो रमन प्रभाव के रूप में प्रसिद्ध है। उसकी इसी खोज के उपलक्ष्य में विज्ञान दिवस मनाया जाता है। वर्तमान युग में विज्ञान के बिना किसी भी क्षेत्र का विकास करना संभव नहीं है। इसलिए मानव जरूरत के सभी आयामों के साथ ही प्रकृति व प्राचीन धरोहरों का संरक्षण भी विज्ञान की मदद से किया जा रहा है। इस दौरान हिमांशु तिवारी, खुशी सेन, महक सोनी, लक्ष्मी महोबिया एवं सभी उपस्थित रहे।