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Umaria News: 8,695 किसानों के 122.35 करोड़ फंसे, धान भुगतान करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

Sat, 15 Feb 2025 02:47 PM IST
उमरिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया

सार

कांग्रेस के ज्ञापन के अनुसार, जिले के 8,695 किसानों का 122.35 करोड़ अभी भी फंसा हुआ है। संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण भुगतान न होने से कई किसान बैंकों का बकाया नहीं जमा कर सके हैं, जिससे उन्हें डिफॉल्टर की सूची में डाल दिया गया है।
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किसानो को धान के भुगतान की मांग को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन
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विस्तार
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किसानों से खरीदी गई धान का भुगतान कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम उमरिया अपर कलेक्टर शिवगोविंद मरकाम को  ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय सिंह ने कहा कि जिले में धान की खरीदी का काम कई दिन पहले खत्म हो गया है। पूरा अनाज गोदाम में भी पहुंच गया है। इसके बाद भी हजारों किसानों को उपार्जन की राशि अभी तक नहीं मिल सकी है। नियम के अनुसार अनाज परिवहन होने के तीन दिन में पैसा किसानों के खाते में पहुंच जाना चाहिए।
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अजय सिंह ने कहा कि जिले के कई किसान ऐसे हैं, जिन्हें अपनी उपज बेचे डेढ़ महीने से भी अधिक समय हो गया है। लेकिन, अब तक भुगतान नहीं किया गया है, जिससे किसानों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

डिफॉल्टर हो गए किसान
ज्ञापन के अनुसार, जिले के 8,695 किसानों का 122.35 करोड़ रुपये अभी भी फंसा हुआ है। संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण भुगतान न होने से कई किसान बैंकों का बकाया नहीं जमा कर सके हैं, जिससे उन्हें डिफॉल्टर की सूची में डाल दिया गया है। वहीं, राजस्व विभाग भी उन्हें कुर्की जैसी कार्रवाई की चेतावनी दे रहा है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि जिले के अधिकांश किसान बैंकों के अलावा साहूकारों से भी कर्ज लेकर खेती व घर का खर्च चलाते हैं। फसल का पैसा मिलते ही यह कर्ज चुकता कर दिया जाता है। इस बार भुगतान में देरी के कारण किसानों को जहां आर्थिक तंगी के साथ साहूकारों का अपमान सहना पड़ रहा है, वहीं पैसे के अभाव में वे रबी की फसल के लिए खाद, कीटनाशक आदि नहीं खरीद सके हैं। जिस वजह से उनकी इस सीजन की फसल भी कमजोर हो गई है।
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नई एजेंसी की लापरवाही 
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस वर्ष शासन द्वारा उपार्जन का कार्य नान से छीन कर एनसीसीएफ को दिया गया है, जिससे काफी नुकसान हो रहा है। नई एजेंसी की लापरवाही के कारण समय पर धान का परिवहन नहीं हो सका है, जिससे करोड़ों रुपये की धान बरिश में भीगकर खराब हो गई। कांग्रेस की मांग है कि किसानों का बकाया भुगतान ब्याज सहित करने के साथ ही इस समस्या के लिए दोषी अधिकारियों और संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 
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