उज्जैन में आगर रोड एमआर-5 मार्ग पर इन दिनों रात के समय एक घातक जानवर की दहशत देखी जा रही है। स्थितियां कुछ ऐसी हो चुकी हैं कि रात आठ बजे के बाद अंधेरा होते ही कोई भी क्षेत्र में निकलने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है। इस दहशत की हकीकत को मानने के पहले क्षेत्रवासियों ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी खंगाले हैं, जिसमें लोगों को सियार के होने की पुष्टि हुई है।
चिमनगंज थाना क्षेत्र स्थित एमआर-5 रोड पर स्थित राज रॉयल कॉलोनी और शिव धाम कॉलोनी के लोग काफी डरे और सहमे हुए हैं। क्षेत्र के लोगों ने रात के समय क्षेत्र में सियार के घूमने की बात कही है। उनका कहना है कि यह घातक जानवर किसी भी व्यक्ति की मौत का कारण बन सकता है। इसे जल्द से जल्द पकड़ा जाए, इसके लिए उन्होंने वन विभाग की टीम को भी इसकी सूचना दे दी है और उन्हें वह वीडियो भी उपलब्ध कराया है, जिसमें उन्हें सियार नजर आ रहा है।
वन विभाग के रेंजर मदन मोहन ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एमआर-5 रोड स्थित कॉलोनी में सियार होने की सूचना हमें मिली थी, जिसके बाद से ही हम पिछले दो दिनों से दिन हो या रात यहां सियार की सर्चिंग कर रहे हैं। दो दिनों से तो हमें यहां सियार नहीं मिला है। लेकिन क्षेत्र में सियार की दहशत कुछ इतनी है कि रात के समय लोगों ने यहां से निकलना बंद कर दिया है और लोग छोटे बच्चे व पालतू जानवरों की और भी रक्षा करने लगे हैं।
सर्चिंग की जा रही है
इस मामले को लेकर वन विभाग की डीएफओ किरण बिसेन ने बताया कि दो दिनों पहले आगर रोड क्षेत्र के कुछ कॉलोनी में सियार होने की जानकारी हमें मिली थी, जिसके बाद से ही उसे पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सियार वैसे तो जंगली जानवर है, इसीलिए सतर्कता बरतने की जरूरत तो है। तीन दिनों पहले के सीसीटीवी फुटेज में सियार दिखाई दे रहा है। लेकिन दो दिनों की सर्चिंग में उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, अगर जरूरत लगी तो पिंजरा लगाकर भी उसे पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
इसीलिए डर का है माहौल
बताया जाता है कि रात के समय सियार के क्षेत्र में घूमने की सूचना मिलने के बाद सिर्फ डर इसी बात का है कि जिस क्षेत्र में यह सियार घूम रहा है, वह क्षेत्र वास्तविकता में कुछ ऐसा है कि यहां लोगों के आलीशान मकान नहीं, बल्कि झोपड़िया और छोटे-छोटे मकान हैं। अधिकतर लोग रोजाना की मजदूरी करने वाले हैं, जो सुबह जल्दी घर से निकल जाते हैं और देर रात तक घर लौटते हैं। इन लोगों को आने जाने के दौरान सियार की दहशत रहती है तो वहीं घर वालों के अकेले रहने के कारण भी यह लोग दहशत में है कि कहीं कोई सियार की चपेट में न जाए।