नगर निगम चुनाव में उज्जैन से कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी महेश परमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। आचार संहिता का पालन नहीं करने को लेकर चुनाव आयोग ने परमार को मंगलवार को नोटिस जारी किया था। बुधवार को दोबारा आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन पाए जाने पर आयोग के निर्देश के बाद कलेक्टर ने महापौर प्रत्याशी परमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
बता दें जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर आशीष सिंह ने कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी विधायक महेश परमार के खिलाफ प्रकरण करने के निर्देश दिए हैं। परमार पर यह कार्रवाई राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत कि कोई भी व्यक्ति मतदान समाप्ति के लिए नियत किए समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटे की कालावधि के दौरान चलचित्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या प्रिंट मीडिया या अन्य किसी साधन से जनता के समक्ष किसी निर्वाचन संबंधी बात का प्रदर्शन नहीं करने के उल्लंघन पर की गई है। परमार ने 5 व 6 जुलाई को समाचार-पत्रों में विज्ञापन जारी किया था। उन्हें 5 जुलाई पर विज्ञापन देने पर नोटिस दिया गया था बावजूद 6 जुलाई को फिर विज्ञापन प्रकाशित किया गया। कलेक्टर द्वारा जारी निर्देश में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा-126 एवं मप्र स्थानीय प्राधिकारी (निर्वाचन अपराध) अधिनियम-1964 अद्यतन-2014 के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में मानते हुए माधवनगर टीआई को प्रकरण दर्ज करने को कहा है।
वार्ड 13 में हंगामा करने के मामले में बुधवार देर रात पीठासीन अधिकारी अंजुमन आरा की शिकायत पर कांग्रेस नेत्री नूरी खान के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया।
इंदौर में भी कलेक्टर ने करवाई एफआईआऱ
इंदौर में भी कलेक्टर मनीष सिंह ने मतदान के दौरान शिकायत मिलने पर एसडीएम अंशुल खरे से जांच करवाई और फिर सख्ती दिखाते हुए पार्षद प्रत्याशी अनवर कादरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी। मतदान के दौरान दोपहर शासकीय कस्तूरबा स्कूल में अनवर कादरी द्वारा कुछ मतदाताओं को धमकाने और फर्जी वोट डलवाने के प्रयास किए गए वहीं शासकीय कार्य में बाधा भी डाली गई। गाली-गलौज के बीच जान से मारने की धमकी भी दी गई , जिसके चलते पीठासीन अधिकारी द्वारा थाना सराफा में कादरी के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया।