महाशिवरात्रि के अवसर पर दशहरा मैदान में विक्रमोत्सव 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान महाकाल को नमन करते हुए सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने भारत के महानायक वीर दुर्गादास राठौर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उज्जैन की ऐतिहासिक धरोहर को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य आदर्श व्यवस्था और सुशासन के प्रतीक हैं। उन्होंने विदेशी आक्रांताओं को पराजित कर विक्रम संवत की शुरुआत की, जिससे भारतीय काल गणना को वैश्विक पहचान मिली। सिंहस्थ 2028 को विश्वस्तरीय बनाने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकल्प लिया कि श्रद्धालु मां क्षिप्रा के जल से ही स्नान करेंगे।
क्षिप्रा नदी के संरक्षण हेतु सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी और कान्ह क्लोज डक्ट परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। इनसे नदी का जल स्तर स्थिर रहेगा और प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी। उज्जैन में 29 किमी लंबे घाटों का निर्माण और इंदौर-उज्जैन के बीच मेट्रो रेल सेवा भी प्रस्तावित है। हाल ही में अशोक पुल का लोकार्पण भी किया गया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। विक्रम व्यापार मेला, वस्त्रोद्योग, जनजातीय शिल्प, पारंपरिक व्यंजन और चिकित्सा शिविर भी आयोजित किए गए। गायक हंसराज रघुवंशी और पद्म श्री आनंदन शिवमणि की सांगीतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही, 'शिवोsम-अनहद' और 'शिवादल' की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
विक्रमोत्सव का श्री गणेश, मुख्यमंत्री बोले - सम्राट विक्रमादित्य हमारे जननायक
विक्रमोत्सव का श्री गणेश, मुख्यमंत्री बोले - सम्राट विक्रमादित्य हमारे जननायक
विक्रमोत्सव का श्री गणेश, मुख्यमंत्री बोले - सम्राट विक्रमादित्य हमारे जननायक