फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain News: उज्जैन-जावरा फोरलेन पर अब किसानो की आपत्ति, हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर किया प्रदर्शन; जानें

Tue, 04 Mar 2025 10:30 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

Ujjain: उज्जैन-जावरा के बीच ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के लिए पांच हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। लेकिन किसानों का कहना है कि इस परियोजना से उनकी जमीन मात्र तीन लाख रुपए प्रति बीघा में अधिग्रहित की जा रही है, जबकि बाजार मूल्य 50 लाख रुपए तक है।
विज्ञापन
प्रदर्शन करते किसान - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उज्जैन-जावरा रोड के फोरलेन निर्माण का कार्य शुरू होते ही किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि अगर यह फोरलेन निर्माण मौजूदा मापदंडों के अनुसार किया गया, तो उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित होगी। प्रभावित किसानों ने सरकार से इस परियोजना को रोकने की मांग की है, क्योंकि इससे करीब दो हजार लोग बेरोजगार हो सकते हैं।

भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने कोठी रोड पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से उचित मुआवजा और अन्य राहत उपायों की मांग की। ग्राम नागपुरा के किसान महेश नायक ने बताया कि यह फोरलेन 15 फीट ऊंचाई पर बनाया जा रहा है, जिससे किसानों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान और गुजरात की तरह उन्हें भी अधिग्रहित जमीन का सही मूल्य मिलना चाहिए, लेकिन यहां न्यूनतम दर पर मुआवजा दिया जा रहा है। कई छोटे किसान अपनी जमीन गंवाकर बेरोजगार हो जाएंगे।

ग्राम पुरीखेड़ा के उमराव सिंह चंदेल ने कहा कि यह समस्या सिर्फ एक किसान की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों की है। उन्होंने कहा कि आज नहीं तो कल, यह फोरलेन निर्माण किसानों के लिए परेशानी का कारण बनेगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने तख्तियां और झंडे लेकर नारेबाजी की। उन्होंने "हम अपना अधिकार मांगते, किसी से नहीं डरते", "किसान हित में जो काम करेगा, वही देश पर राज करेगा" और "अन्नदाता का सम्मान करो" जैसे नारे लगाए।

उज्जैन-जावरा के बीच ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के लिए पांच हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। लेकिन किसानों का कहना है कि इस परियोजना से उनकी जमीन मात्र तीन लाख रुपए प्रति बीघा में अधिग्रहित की जा रही है, जबकि बाजार मूल्य 50 लाख रुपए तक है। किसानों की मांग है कि फोरलेन निर्माण को सामान्य सड़क की तरह बनाया जाए, सड़क पर सुरक्षा के लिए लगाई जा रही जालियों को हटाया जाए, प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और सड़क पर अंडरपास बनाए जाएं ताकि किसानों को आवाजाही में दिक्कत न हो। किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, विरोध जारी रहेगा।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें