विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के गर्भगृह में जल्द ही भक्तों को प्रवेश दिया जाने लगेगा। अभी 1500 रुपये की रसीद पर जलाभिषेक करने की अनुमति थी।
बता दें कि उज्जैन महाकाल में निकलने वाली सवारियों के कारण मंदिर में दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया था। सावन की चार और भादौ की दोनों सवारियां संपन्न हो चुकी हैं, ऐसे में फिर से दर्शन व्यवस्था पहले जैसी करने पर विचार किया गया है। भीड़ की स्थिति को देखते हुए मंदिर प्रशासक ने पूर्व निर्धारित व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। सामान्य दर्शनार्थियों को शनिश्चरी अमावस्या के बाद गर्भगृह में प्रवेश दिया जाएगा।
मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ के अनुसार भक्तों को अब चारधाम मंदिर के बजाय बड़े गणेश मंदिर के सामने से शंख द्वार होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। शनिवार को शनिश्चरी अमावस्या, रविवार को अवकाश का दिन तथा 29 अगस्त को सोमवार होने से आम दर्शनार्थियों का गर्भगृह में प्रवेश शुरू नहीं किया जा रहा है, लेकिन 30 अगस्त मंगलवार से गर्भगृह में प्रवेश दिया जाने लगेगा।