टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़-खरगापुर मार्ग पर चलती कार में अचानक आग लग गई, लेकिन चालक धीरज सोनी और वाहन में सवार अन्य लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया, हालांकि कार जलकर खाक हो गई।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में एक बड़ा हादसा टल गया, जब बल्देवगढ़-खरगापुर मार्ग पर चलती कार में अचानक आग लग गई। वाहन में सवार लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार पलेरा निवासी धीरज सोनी अपनी मारुति सुजकी कार से पलेरा से टीकमगढ़ की ओर जा रहे थे। उनके साथ वाहन में एक महिला सहित दो अन्य लोग भी सवार थे। शाम करीब 4 बजे चलते वाहन से अचानक धुआं निकलने लगा। शुरुआत में चालक ने वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही क्षणों में कार से तेज धुआं उठने लगा और देखते ही देखते वाहन आग की लपटों में घिर गया।
स्थिति को भांपते हुए चालक और अन्य सवार तुरंत कार से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों की मदद से घटना की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक कार का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चलेगा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि आग कुछ मिनट और फैलती तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि मार्ग पर उस समय यातायात भी जारी था। समय रहते सवारों के बाहर निकल जाने से बड़ा नुकसान टल गया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। इस घटना के बाद वाहन सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चालकों को नियमित सर्विस, वायरिंग की जांच और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।