टीकमगढ़ में पांडू राम को लेने पहुंचे परिजन
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टीकमगढ़ में एक भावुक क्षण देखने को मिला जब मानसिक स्थिति ठीक न होने के चलते वृद्ध आश्रम पहुंचे व्यक्ति को लगभग दो महीने बाद उनके परिजनों से मिलवाया गया। 25 अक्टूबर 2024 को टीकमगढ़ पुलिस द्वारा एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को महिला संचालित वृद्ध आश्रम में लाया गया था।
टीकमगढ़ के मऊ रोड स्थित वृद्ध आश्रम की संचालिका श्रद्धा चौहान ने बताया कि व्यक्ति को शुरुआत में बोलने और अपनी पहचान बताने में कठिनाई हो रही थी। आश्रम में उनकी सेवा की गई और एक अच्छे डॉक्टर से उनका इलाज शुरू कराया गया। धीरे-धीरे उनकी हालत में सुधार हुआ और वह आश्रम में अन्य कार्यों में हाथ बटाने लगे। उन्होंने अपना नाम पांडूराम बताया था।
फोटो से मिला सुराग
व्यक्ति ने आश्रम में लगी सर्वधर्म समभाव की एक फोटो देखकर भावुक प्रतिक्रिया दी। उस फोटो में एक सिख व्यक्ति की तस्वीर देखकर वह रोने लगे। संचालिका और टीम ने अंदाजा लगाया कि वह सिख समुदाय से हैं। पगड़ी लाकर दी गई, जिसे उन्होंने अपने हाथ से बांधा। इससे यकीन हो गया कि सिख समुदाय से ताल्लुक रखता है।
परिजनों तक पहुंचने का सफर
इलाज के बाद उनकी बातचीत शुरू हुई। उन्होंने अपने गांव का नाम हरियाणा के जाखार तहसील के चूहपुर बताया। टीकमगढ़ कोतवाली पुलिस ने हरियाणा के जाखार थाने से संपर्क किया, जहां उनकी गुमशुदगी दर्ज थी। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई।
भावुक विदाई का क्षण
पांडू राम के परिजन टीकमगढ़ आए और आश्रम में सेवा देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। आश्रम में उनकी धूमधाम से विदाई की गई। यह क्षण सभी के लिए भावुक था, जब आश्रम के सदस्य और परिजन खुशी के आंसू नहीं रोक पाए।