ओरछा राजा राम मंदिर में चल रही सजावट की तैयारी।
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर में होगा राम जन्मोत्सव
ओरछा के राम राजा मंदिर के पट 6 अप्रैल की सुबह 8 से 11 तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुलेंगे। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे भगवान राम का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। 12:00 बजे जन्म आरती का आयोजन होगा। जन्म आरती के आयोजन के बाद मंदिर प्रबंधन द्वारा 21 कुंतल देसी घी से बने लड्डुओं का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा। 3:00 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। रात्रि 8:00 बजे मंदिर के पट पुनः खुलेंगे और 11:00 तक श्रद्धालुओं को राजाराम के दर्शन मिलेंगे।
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पलना में मिलेंगे दर्शन
रामराजा मंदिर में 7 अप्रैल की सुबह 4:00 बजे मंगला आरती होगी। जिसका अपना अलग महत्व है। इस आरती में लाखों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुंचते हैं। इसके बाद भगवान राम राजा गर्भ ग्रह में चले जाएंगे। 8 अप्रैल की सुबह वह पलना में भक्तों को दर्शन देंगे और 10 अप्रैल तक वह पलना में ही रहेंगे। यह परंपरा 16वीं शताब्दी से आज तक चली आ रही है।
ओरछा राजा राम मंदिर में चल रही सजावट की तैयारी।
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सैकड़ों साल बाद आया संयोग
कहा जाता है कि 16वीं शताब्दी में ओरछा की रानी कुंवर गणेश भगवान राम को अयोध्या से लेकर ओरछा आई थीं, जब वह ओरछा पहुंची थीं उस समय रामनवमी थी और पुख नक्षत्र का समय था। इस बार रामनवमी पर भी पुख नक्षत्र का समय है। यह कई वर्ष सालों बाद संयोग बना है कि इस बार रामनवमी के अवसर पर भी पुख नक्षत्र है।
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ओरछा राजा राम मंदिर के सज गए बाजार।
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