मध्यप्रदेश में कोरोना और लॉकडाउन के बीच शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का विस्तार हो चुका है, सरकार में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थित विधायकों को भी जगह मिली है। हालांकि अब इनके एक मंत्री अचानक से चर्चा में आ गए हैं। दरअसल कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार गिराए जाने को लेकर मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट से यहां रहवासियों की एक बैठक में सवाल पूछने वाली 19 वर्षीय युवती ने सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ अभद्र टिप्पणियां किए जाने के मामले में सोमवार को पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करायी।
शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाले सिलावट से उसके प्रश्न करने के बाद कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर उसके खिलाफ अभद्र टिप्पणियां करते हुए उसके चरित्र पर सवाल उठाए। इस मामले में लसूड़िया पुलिस थाने के प्रभारी इंद्रमणि पटेल ने युवती की शिकायत मिलने की पुष्टि की। उन्होंने बताया, 'युवती की शिकायत पर जांच की जा रही है। फिलहाल इस पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।'
शिकायत दर्ज कराने के बाद युवती ने संवाददाताओं से कहा कि उसने 'एक मतदाता के तौर पर' सिलावट से प्रश्न किए थे। लेकिन जब उसने सवाल पूछने के इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर डाला, तो इसी माध्यम पर कुछ लोगों ने उसके चरित्र के बारे में अफवाहें उड़ाते हुए उसके बारे में अभद्र भाषा के इस्तेमाल किए।
युवती ने कहा, 'मैं कोई पत्रकार या कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं हूं। मेरा किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। मैं बस एक सामाजिक कार्यकर्ता हूं और मैंने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सिर्फ आवाज उठाई थी। लेकिन इसके बाद से सोशल मीडिया पर मेरे बारे में घटिया बातें कही जा रही हैं।'
सिलावट से युवती के सवाल किए जाने का वाकया कल रविवार का है, जब वह शहर की कुछ टाउनशिप के रहवासियों के साथ उनकी समस्याओं को लेकर बैठक कर रहे थे। इसी दौरान युवती ने सिलावट से सवाल किया, 'मैं आपसे एक बात पूछना चाहती हूं। आप पहले कांग्रेस में थे और अचानक भाजपा में आ गए। आपने एक अच्छी-खासी सरकार गिरा दी। कैसा लगा आपको?"
वीडियो में युवती के अचानक दागे गए सवाल से सिलावट पहले-पहल असहज दिखाई दिए। हालांकि, उन्होंने जवाब दिया कि वह अब भी आम लोगों के बीच ही बैठे हैं।
सिलावट अपनी बात पूरी कर पाते, इससे पहले ही युवती आगे बोलती सुनायी दी, 'हम बात करते हैं किसानों की। कुछ दिन पहले आपके (नेता) ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ही ट्वीट किया था कि (पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में) इतने किसानों का कर्जा माफ हुआ है। फिर अचानक सिंधिया ने बोल दिया कि किसी का कर्जा माफ नहीं हुआ।'
गौरतलब है कि सिलावट, सिंधिया खेमे के वफादार नेताओं में गिने जाते हैं। सिंधिया की सरपरस्ती में सिलावट समेत कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण तत्कालीन कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी। इस कारण कमलनाथ को 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा 23 मार्च को सूबे की सत्ता में लौट आई थी।