शिवपुरी जिले के पिछोर स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) डॉ. अखिलेश कनेरिया को ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) की टीम ने मंगलवार को 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह कार्रवाई सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) रिंका लोधी की शिकायत के बाद की गई, जिन्होंने बीपीएम पर पीबीआई और जन आरोग्य के कार्यों के भुगतान के बदले 24,500 रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
रिश्वत की मांग और कार्रवाई
बीपीएम द्वारा 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई थी। इसके बाद, ईओडब्ल्यू ने योजना बनाकर रिंका लोधी को पहली किस्त के 10,000 रुपए के साथ भेजा। जैसे ही लोधी बीपीएम के दफ्तर पहुंचीं और पैसे दिए, ईओडब्ल्यू की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अखिलेश कनेरिया को रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच में बीपीएम के हाथों पर रंग के निशान मिले, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
शिवपुरी में बढ़ते भ्रष्टाचार के मामले
शिवपुरी जिले में यह रिश्वत का मामला पहला नहीं है। हाल ही में दो पटवारियों को भी लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने जिले में भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईओडब्ल्यू अब बीपीएम के खिलाफ विस्तृत जांच कर रही है।