शिवपुरी जिले में प्रशासन ने सिंध नदी के किनारे बारिश का दौर में रेत खनन पर रोक लगा रखी है। इसके बाद भी अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शिवपुरी के खनिज अधिकारी ने कल्याणपुर रेत खदान पर जब छापा मारा तो यहां पर अवैध खनन होता हुआ पाया गया। यहां पर एक अवैध पनडुब्बी प्रशासन की टीम को मिली है। इसके अलावा एक डंपर को भी जब्त किया गया है। खनिज अधिकारी ने यहां पर मिली पनडुब्बी को आग के हवाले करवा दिया। शिवपुरी क्षेत्र में आने वाली कल्याणपुर रेत खदान की सबसे बड़ी रेत खदान मानी जाती है।
प्रभारी खनिज अधिकारी अनूप श्रीवास्तव ने जब कल्याणपुर खदान में अवैध खनन और परिवहन की जांच करने मौके का निरीक्षण किया था। यहां पर प्रभारी खनिज अधिकारी अनूप श्रीवास्तव ने कल्याणपुर खदान के पर पानी में उतरी पनडुब्बी देखी, तो उन्होंने स्वयं उसे आग के हवाले कर दिया। इसके अतिरिक्त एक डंपर को भी जब्त किया गया। प्रभारी खनिज अधिकारी ने क्षेत्रवासियों और अवैध खनन व परिवहन करने वालों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी रूप में क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कारोबार में लिप्त रहने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बारिश में रोक, फिर भी चल रहा है अवैध खनन
शिवपुरी जिले में बारिश के दौर में 30 जून से 30 सितंबर तक नदी और उसके आसपास खनन पर रोक है, लेकिन इसके बाद भी अवैध खनन जारी है। रेत का यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है जिसमें करैरा, अमोला, सुनारी सहित अन्य क्षेत्रों में यहां से सिंध नदी गुजरती है। वहां पर अवैध खननकर्ता रेत का अवैध खनन करके इसे बेच रहे हैं। इस पूरे मामले में प्रशासनिक अफसरों की भी मिलीभगत है। खासकर पुलिस का संरक्षण इन लोगों को है। बताया जा रहा है कि सत्ताधारी दल से जुड़े हुए कुछ नेता अवैध खनन को अंजाम देते हैं। इसके लिए इस क्षेत्र की कल्याणपुर रेत खदान बदनाम है और यहां पर लगातार पनडुब्बी उतारकर नदी से अवैध रेत खनन किया जा रहा है।