शाजापुर जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर भरड गांव में बने बिजली ग्रिड पर आधा दर्जन से अधिक गांवों के सैकड़ों लोगों ने ताला लगाकर अपना आंदोलन बिजली विभाग के खिलाफ छेड़ दिया है। ग्रामीण रवि की फसल की सिंचाई के लिए करीब 10 घंटे बिजली की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें एक घंटे बिजली ही उपलब्ध हो पा रही है, जिसके लिए ग्रामीणों ने सात दिन पहले बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन के माध्यम से समस्याओं से अवगत करा दिया था, लेकिन आज तक उनकी समस्या का हल नहीं हुआ। अब सभी ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय बना लिया है। उनका कहना है कि अगर हमारी बिजली चालू नहीं होती है तो सभी आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों लोग चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार करेंगे।
इस समय शाजापुर जिले के आधा दर्शन से अधिक गांव में बिजली की समस्या बनी हुई है और इसी बिजली की समस्या को लेकर अब ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय बना लिया है। ग्रामीणों के अनुसार गोपीपुर, लोहरवार, भरड, दिललोदरी, बना खेड़ी सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग भरड़ गांव में बने बिजली विभाग के ग्रिड पर पहुंचे और गेट पर ताला लगाकर अपना आंदोलन छेड़ दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सात दिन पहले DE, सुपरवाइजर और CE साहब को आवेदन देकर बिजली की समस्या से अवगत करा दिया गया था, जिस पर उनके द्वारा सात दिन में सुचारू रूप से बिजली शुरू करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन आज सात दिन बीत जाने के बाद भी ग्राउंड पर कोई काम नहीं हुआ किसी भी बिजली अधिकारी के कान पर जूं नहीं रेंगी।
रवि की फसल की चल रही है बुवाई
किसानों का कहना है कि इस समय रवि की फसल की बुवाई चल रही है। खेतों में किसानों को सिंचाई करनी है और सिंचाई के लिए बिजली चाहिए, लेकिन वह बिजली उनको नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नियम अनुसार 10 घंटे बिजली ग्रामीण क्षेत्रों में दी जानी चाहिए, जिससे खेतों में सिंचाई की जा सके, लेकिन उन्हें 24 घंटे में से मात्र एक घंटे ही बिजली उपलब्ध हो पा रही है। यह समस्या करीब एक महीने से ज्यादा समय से चल रही है। बिजली अधिकारियों को भी सिंचाई के लिए किसानों ने पर्याप्त बिजली उपलब्ध करवाने के लिए गुहार भी लगाई थी और बताया था कि बिजली दे दीजिए वरना फसल बर्बाद हो जाएगी, लेकिन किसी ने किसानों की नहीं सुनी।
ग्रिड के गेट पर ताला लगाया
ग्रामीणों का कहना है कि रात को 3:00 बजे जैसे ही तार टूटा और जो एक घंटे बिजली मिल रही थी वह भी नहीं मिली। मजबूरी में रात को 3:00 बजे ही सभी ग्रामीण एकमत होकर भरड स्थित ग्रिड पर पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ आधी रात से ही अपना धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सभी ग्रामीणों ने वहां पर बिजली विभाग एवं सरकार पर कई आरोप लगाए हैं और जमकर नारेबाजी की है। साथ ही उन्होंने ग्रिड के गेट पर भी ताला लगा दिया है वहीं ग्रामीणों का निर्णय है कि जब तक अब बिजली ठीक नहीं होगी वह यहीं पर खाएंगे और यहीं पर ही अपना आंदोलन जरूर जारी रखेंगे इस बार आश्वासन से काम नहीं होगा धरातल पर काम चाहिए.
ग्रिड के बाहर ही तैयार किया गया भोजन
भरड बिजली ग्रिड के बाहर आंदोलन कर रहे इन सैकड़ों किसानों ने अब निर्णय कर लिया है कि अगर चुनाव के पहले हम लोगों की बिजली सुचारू रूप से चालू नहीं की जाएगी तो चुनाव का यह 6 गांव के सैकड़ों लोग पूरी तरह से चुनाव का बहिष्कार करेंगे और पूरे गांव में मतदान नहीं करेंगे। वहीं किसानों ने आपस में पैसा इकट्ठा कर करीब ₹3000 का राशन लेकर ग्रिड पर पहुंच चुके हैं और वहां पर आज के दिन का भोजन बनना भी शुरू हो गया है किसानों के अनुसार चाहे उन्हें 10 दिन लग जाए अब वह गेट से नहीं हटेंगे बिजली चालू करवा कर ही वह अपने घर के लिए रवाना होंगे जब तक वह यही पर खाना खायेंगे और यही पर रहेंगे।
अधिकारियों को दी गई सूचना
ग्रिड ऑपरेटर द्वारा बताया गया की रात को 3:00 बजे अचानक तार टूट गया और क्षेत्र की बिजली बंद हो गई है, जिसके बाद रात को 3:00 बजे से ही सभी लोग यहां पर आ गए हैं और ग्रिड पर ताला लगा दिया है और अपना आंदोलन कर रहे हैं। इसको लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। वह अभी दूसरी जगह राउंड मारने गए हैं वहां से लौटने के बाद ग्रामीणों से बात करेंगे।