जिले के बाणसागर क्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथियों ने उत्पात मचा रखा है। क्षेत्र के आधा दर्जन गांव में हाथियों का झुंड खेत व खलिहान में मौजूद फसलों को बर्बाद कर रहें है। गत दिवस खेत में घुसे हाथियों के झुंड को ग्रामीणों ने देख लिया। जिसके बाद ग्रामवासियों ने इकठ्ठा होकर जोर जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया, उनकी आवाज को सुनकर हाथियों का झुंड खेतों से भागने लगा।
बाणसागर क्षेत्र के कई गांव में हाथियों का झुंड जंगल से भटककर गांवों में पहुंच गया है और फसलों को बर्बाद कर रहा है। बीते दिवस खेत में फसलों को बर्बाद करते हुए हाथियों के झुंड को ग्रामीणों ने शोर गुल करते हुए आगे खदेड़ा, जिसका वीडियो भी सामने आया है। बाणसागर क्षेत्र के देवलोंद, चचाई, बिजुरिहा, नादो, सेग्मल, सहरा, कुमिहा तथा अनहरा समेत अन्य गांव में करीब डेढ़ दर्जन हाथियों का एक झुंड जंगल से भटकर इन गांवों में पहुंच गया है। जो वहां गन्ना और केला की फसलों को चौपट कर रहा है। साथ ही खलिहानों में रखी दूसरी फसलों को भी नष्ट कर रहें हैं।
ग्रामीणों के अनुसार इन हाथियों का झुंड अब दो से तीन हिस्सों में बट गया है। जिनमें से एक झुंड सोन नदी के पार लगने वाले मैहर जिले के ग्राम कैथहा, सरिया, हरियरी आदि गांवों में भी हाथियों के झुंड ने फसलों की तबाही मचाई हुई है। ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन चार दिन पूर्व लगभग डेढ़ दर्जन हाथियों के झुंड ने बाणसागर के गांवों में प्रवेश किया था, जो अब तीन अलग अलग झुंड में बदल गये हैं। इनमें से अलग-अलग झुंड इन गांवों में फसलों को तबाह कर रहें हैं।
गत शाम सोन नदी के उस पार ग्राम सरिया से हरियरी के बीच खेतों में विचरण कर फसलों को बर्बाद कर रहे थे। जिसकी जानकारी लगने के बाद ग्रामीणों द्वारा हाथियों के झुंड को शोर एवं तेज आवाज करके आगे खदेड़ दिया गया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार फिर इन हाथियों के गांव में प्रवेश करने की आशंका है। यदि वन विभागद्वारा शीघ्र ही इन हाथियों को गांव से बाहर जंगल की तरफ नहीं खदेड़ा गया तो सारी फसल बर्बाद कर देंगे।