शहडोल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान दुकान की छत गिरने से एक ऑटो पार्ट्स व्यापारी गंभीर घायल हो गया। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने नगर पालिका की दो जेसीबी पर पथराव कर तोड़फोड़ की। प्रशासन ने अभियान रोककर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शहडोल नगर पालिका द्वारा इंदिरा चौक से न्यू बस स्टैंड तक चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान रविवार को बड़ा हादसा हो गया। कार्रवाई के बीच एक ऑटो पार्ट्स व्यापारी पर दुकान की छत का हिस्सा गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। नाराज लोगों ने नगर पालिका की दो जेसीबी मशीनों पर पथराव कर तोड़फोड़ कर दी। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तत्काल रोक दी।
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50 से अधिक निर्माणों पर चली जेसीबी
जानकारी के अनुसार नगर पालिका क्षेत्र में इंदिरा चौक से न्यू बस स्टैंड तक करीब एक किलोमीटर लंबी और 17 मीटर चौड़ी मॉडल सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इसी के लिए रविवार सुबह नगर पालिका, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची। अभियान के दौरान करीब 50 दुकानों, मकानों और बाउंड्रीवाल पर जेसीबी से कार्रवाई की गई।
नगर पालिका अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित लोगों को छह माह पहले नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद एक सप्ताह पहले दोबारा नोटिस देकर अतिक्रमण स्वयं हटाने की चेतावनी दी गई। शनिवार को भी मुनादी कर लोगों को रविवार को होने वाली कार्रवाई की जानकारी दी गई थी।
शहडोल में अतिक्रमण हटाने के दौरान व्यापारी पर छत गिर गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- फोटो : अमर उजाला
सामान निकालने गया व्यापारी, तभी भरभराकर गिरी छत
कार्रवाई के दौरान सीताराम गुप्ता (45) की ऑटो पार्ट्स दुकान पर भी अतिक्रमण हटाया जा रहा था। इसी बीच वह दुकान के भीतर सामान निकालने पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक दुकान की छत का एक हिस्सा भरभराकर उनके ऊपर गिर गया, जिससे वे मलबे में दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर तत्काल एंबुलेंस से शहडोल मेडिकल कॉलेज भेजा, जहां उनका उपचार जारी है।
शहडोल में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर हमला
- फोटो : अमर उजाला
विरोध में फूटा लोगों का गुस्सा
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने नगर पालिका की दो जेसीबी मशीनों पर पथराव कर तोड़फोड़ कर दी। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया। वहीं नगर पालिका के अधिकारी और भवन शाखा की टीम मौके से हट गई। घटना के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिलहाल रोक दी है।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पर्याप्त समय दिए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि नियमानुसार पहले ही नोटिस जारी किए गए थे और अभियान की पूर्व सूचना भी दी गई थी। हादसे के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।